धर्मशाला, राहुल-:धर्मशाला एयरपोर्ट पर शुक्रवार को तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। दो महीने की दक्षिण भारत यात्रा पूरी कर लौटे दलाई लामा के स्वागत के लिए निर्वासित तिब्बतियों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने एयरपोर्ट परिसर को “लॉन्ग लिव हिज होलीनेस” के उद्घोष और प्रार्थना मंत्रों से गूंजा दिया। पारंपरिक तिब्बती परिधान पहने अनुयायियों ने उन्हें खादा (पारंपरिक तिब्बती स्कार्फ) भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
दक्षिण भारत प्रवास के दौरान दलाई लामा ने कई बौद्ध मठों और शिक्षण संस्थानों में धर्मोपदेश दिए। उन्होंने करुणा, अहिंसा और वैश्विक शांति का संदेश फैलाया। उनकी शिक्षाओं में देश-विदेश से आए हजारों अनुयायियों ने भाग लिया। इस यात्रा को आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।धर्मशाला लौटने पर मंडी के चौनतड़ा से आई अनुयायी यूंगा ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि परम पावन की दो महीने की वापसी से वह और अन्य दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए अनुयायी बेहद उत्साहित हैं। वहीं तेज़ीन लोबसांग, एक और अनुयायी, ने बताया कि दलाई लामा ने शीतकालीन प्रवास के दौरान दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों का दौरा किया और अब धर्मशाला पहुंचकर सभी के दिलों में खुशी भर दी है।
धर्मशाला में उनके स्वागत के लिए स्थानीय प्रशासन और तिब्बती समुदाय ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का पूर्ण प्रबंध किया। दलाई लामा के आगमन से पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालु और स्थानीय लोग उनके संदेशों से प्रेरित होकर करुणा, अहिंसा और सामंजस्य के आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा पा रहे हैं।धर्मशाला में दो महीने के दक्षिण भारत प्रवास के बाद लौटे दलाई लामा का यह स्वागत न केवल उनके अनुयायियों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक उत्सव का रूप ले गया।