अंबाला। कोरियर और ट्रांसपोर्ट गाड़ियों को बीच रास्ते रोककर मोटी रकम वसूलने का रैकेट अब बड़े घोटाले का रूप ले चुका है। पानीपत पुलिस ने इस मामले में जांच तेज कर दी है। आरोपित मनमोहित को सीएम फ्लाइंग ने गिरफ्तार किया था।
जांच में खुलासा हुआ कि मनमोहित ने फर्जी आई-कार्ड बनवाकर खुद को सेल्स टैक्स/जीएसटी अधिकारी के रूप में पेश किया। ट्रकों और कोरियर वाहनों को रोककर, उसने ड्राइवरों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों से अवैध वसूली की। इसके लिए उसने जीएसटी विभाग में अपनी पैठ बनाई और कई जिलों में रूट और वाहनों की लोकेशन साझा की।
इस खेल के मास्टरमाइंड मनमोहित की खुद की गाड़ियां भी कोरियर ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल होती थीं। उसने फर्जी जुर्माने और भारी टैक्स का डर दिखाकर कोरियर कंपनियों को सेटिंग के लिए मजबूर किया। वसूली की रकम नकद और डिजिटल माध्यम से ली गई।
पुलिस ने आरोपित के मोबाइल की CDR, व्हाट्सएप कॉल और चैट रिकॉर्ड खंगाले हैं, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके। एफआईआर में जिन अधिकारियों के नाम आए हैं, उनकी पोस्टिंग और ड्यूटी रिकॉर्ड पुलिस ने विभाग से मांगी है। इस खेल में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचा है।
एसपी पानीपत भूपेंद्र सिंह के अनुसार, जांच के दौरान यह सामने आया कि मनमोहित ने अलग-अलग वाहनों पर जाली नंबर प्लेट भी लगाई थी और कोरियर कंपनियों के दस्तावेजों में फर्जी जानकारी दर्ज कराई। अब पुलिस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ करने में लगी हुई है और अधिकारियों की जिम्मेदारी भी स्पष्ट करने की कार्रवाई की जा रही है।