नीपत। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सांसद निधि से प्राप्त चार नई एंबुलेंस पिछले चार महीनों से इस्तेमाल में नहीं आ सकी हैं। ये एंबुलेंस सीएमओ कार्यालय के बाहर खड़ी हैं और कागजी औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण अब तक इनका रजिस्ट्रेशन भी नहीं हो पाया है। ऐसे में लाखों रुपये की ये गाड़ियां धूल फांक रही हैं, जबकि जिले में एंबुलेंस की भारी कमी बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर को पूर्व सांसद रमेश कौशिक की सांसद निधि से चार एंबुलेंस स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई गई थीं। इनमें से दो एंबुलेंस जिला नागरिक अस्पताल के लिए और दो मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां के लिए निर्धारित की गई थीं। उम्मीद थी कि इन्हें जल्द सड़कों पर उतारकर मरीजों को राहत दी जाएगी, लेकिन चार महीने बीत जाने के बावजूद आरसी और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो पाई हैं।
जिले में पहले से ही एंबुलेंस की कमी को देखते हुए इस देरी का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। गंभीर मरीजों को नागरिक अस्पताल से खानपुर कलां मेडिकल कॉलेज और रोहतक पीजीआई रेफर किया जाता है, लेकिन कई बार समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती। मजबूरी में मरीजों और उनके परिजनों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 27 एंबुलेंस हैं, लेकिन इनमें से कई लंबे समय से खराब हैं और दो से तीन एंबुलेंस अक्सर मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं। जिले में 30 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भी हैं, जहां से मरीजों को रेफर किया जाता है। एंबुलेंस कम होने के कारण वहां भी मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिल पा रही।
जिले में उपलब्ध एंबुलेंस का विवरण इस प्रकार है, कुल 27 एंबुलेंस, जिनमें 7 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट, 6 बेसिक लाइफ सपोर्ट, 11 पेशेंट ट्रांसपोर्ट और 3 किलकारी एंबुलेंस शामिल हैं। चार नई एंबुलेंस शुरू न होने से जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।