जालंधर। पंजाब में आम बिजली उपभोक्ताओं को राहत और बिजली वितरण को अधिक पारदर्शी व आधुनिक बनाने के लिए पावरकॉम ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना पर लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत आएगी। योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ सरकारी विभागों में लगे पुराने बिजली मीटर भी बदले जाएंगे।
पावरकॉम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर लगवाने पर उपभोक्ताओं से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अब बिजली का बिल दो महीने की बजाय हर महीने जारी किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को समय पर और वास्तविक खपत के अनुसार भुगतान करने में सुविधा होगी।
वर्तमान में, दो महीने में 600 यूनिट तक की खपत को आधार मानकर बिल बनाया जाता था। नई व्यवस्था में हर महीने अधिकतम 300 यूनिट की खपत के आधार पर बिल तैयार किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को सब्सिडी और स्लैब दरों का लाभ नियमित रूप से मिलता रहेगा और अचानक अधिक बिल आने की समस्या कम होगी।
किराये के मकानों में रहने वाले लोग भी नई व्यवस्था से लाभान्वित होंगे। मकान मालिक और किरायेदार के बीच बिजली बिल को लेकर होने वाले विवादों में कमी आएगी, क्योंकि अब हर महीने वास्तविक खपत के आधार पर बिल उपलब्ध होगा।
स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली खपत का रियल-टाइम डेटा भी उपलब्ध होगा, जिससे गलत रीडिंग या अनुमानित बिलिंग जैसी समस्याएं पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी। फिलहाल जिन उपभोक्ताओं के घरों में पुराने मीटर लगे हैं, उन्हें विभाग की ओर से नोटिस भेजा जा रहा है। पावरकॉम की टीमें घर-घर जाकर पुराने मीटर हटाकर नए स्मार्ट मीटर लगाएंगी।
विभाग का दावा है कि इस नई प्रणाली से न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि बिजली वितरण व्यवस्था भी अधिक प्रभावी, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।