तिरुमला। आंध्र प्रदेश सरकार तिरुमला में प्रसाद और श्रद्धालुओं को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने जा रही है। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस लैब में फ्रांस से मंगाई जा रही ‘ई-टंग’ और ‘ई-नोज’ मशीनें लगाई जाएंगी, जिनकी कीमत लगभग 3.5 करोड़ रुपये बताई गई है। ये मशीनें घी की गुणवत्ता में बेहद सूक्ष्म बदलाव का भी सटीक पता लगाने में सक्षम होंगी।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री वाई. सत्य कुमार यादव के अनुसार, प्रसाद निर्माण में उपयोग होने वाली लगभग 60 प्रकार की कच्ची सामग्रियों—जैसे घी, काजू, किशमिश, बादाम, चना, चीनी, इलायची, हल्दी और मिर्च पाउडर—की उन्नत वैज्ञानिक जांच के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं। प्रयोगशाला का निर्माण कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और अगले महीने से इसके संचालन की संभावना है, जबकि सभी उपकरण मई तक स्थापित कर दिए जाएंगे।
यह परियोजना राज्य स्वास्थ्य विभाग और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के बीच हुए समझौते के बाद शुरू की गई है। एफएसएसएआई ने इस परियोजना के लिए 23 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। 12,000 वर्ग फुट क्षेत्र में निर्मित दो मंजिला इमारत में करीब 50 अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे, जो सूक्ष्म जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और सेंसरी एनालिसिस से जुड़े परीक्षण करेंगे।
प्रयोगशाला खाद्य पदार्थों और पानी के नमूनों में 200 प्रकार तक के कीटनाशक अवशेष, भारी धातुएं, सूक्ष्मजीव और एंटीबायोटिक तत्वों की पहचान करने में सक्षम होगी। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के प्रसाद और पानी के नमूनों की नियमित जांच यहीं की जाएगी। इसके संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग और टीटीडी के करीब 40 कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
इस पहल की पृष्ठभूमि वर्ष 2024 में सामने आए घी मिलावट विवाद से जुड़ी है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू द्वारा मंदिर में मिलावटी घी के इस्तेमाल का मुद्दा उठाए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई थी। रिपोर्ट में वर्ष 2019 से 2024 के बीच बड़े पैमाने पर कथित मिलावटी घी की आपूर्ति का उल्लेख किया गया था।
घटना के बाद खाद्य गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है, ताकि भविष्य में प्रसाद और अन्य खाद्य पदार्थों की शुद्धता पर किसी प्रकार का संदेह न रहे।