वॉशिंगटन | अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अपने मानव चंद्र मिशन को एक बार फिर स्थगित कर दिया है। एजेंसी का विशाल चंद्र रॉकेट अब अंतरिक्ष यात्रियों के सवार होने से पहले मरम्मत और तकनीकी जांच के लिए वापस हैंगर ले जाया जाएगा। नासा के मुताबिक, अगला प्रक्षेपण प्रयास अब कम से कम अप्रैल से पहले संभव नहीं होगा।
मौसम अनुकूल रहने की स्थिति में रॉकेट को Kennedy Space Center परिसर स्थित ‘व्हीकल असेंबली बिल्डिंग’ में वापस ले जाने की योजना है। इससे पहले बृहस्पतिवार को नासा के इंजीनियरों ने खतरनाक हाइड्रोजन ईंधन रिसाव को रोकने के लिए दोबारा परीक्षण किया था। जांच के दौरान रॉकेट की हीलियम प्रणाली में नई खराबी सामने आ गई, जिससे मिशन को फिर टालना पड़ा।
इंजीनियरों ने हाइड्रोजन रिसाव की समस्या पर काबू पा लिया था और 6 मार्च की संभावित लॉन्च तिथि तय की गई थी। हालांकि, अचानक हीलियम प्रणाली में आई रुकावट के कारण रॉकेट के ऊपरी चरण तक हीलियम की आपूर्ति बाधित हो गई। हीलियम का उपयोग इंजनों को शुद्ध करने और ईंधन टैंकों में आवश्यक दबाव बनाए रखने के लिए किया जाता है। इस तकनीकी गड़बड़ी के चलते रॉकेट को वापस असेंबली बिल्डिंग में ले जाकर विस्तृत जांच और मरम्मत करना जरूरी हो गया है।
नासा ने अपने बयान में कहा है कि समस्या के मूल कारण का पता लगाने और उसे पूरी तरह ठीक करने के बाद ही अगली लॉन्च तिथि तय की जाएगी। एजेंसी अप्रैल में प्रक्षेपण की तैयारी कर रही है, लेकिन यह मरम्मत कार्य की प्रगति पर निर्भर करेगा।
यह मिशन Artemis II के तहत संचालित किया जा रहा है। इस मिशन के लिए चुने गए तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री फिलहाल ह्यूस्टन में प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह उड़ान 1968 से 1972 के बीच संचालित Apollo program के बाद चंद्रमा की ओर जाने वाला पहला मानव मिशन होगा।
लगातार तकनीकी चुनौतियों के बावजूद नासा का कहना है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी प्रणालियों के पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही मिशन को हरी झंडी दी जाएगी।