नूरपुर, संजीव,-:नूरपुर पुलिस ने दो बड़े साइबर फ्रॉड मामलों में पेशेवर अंदाज में कार्रवाई करते हुए साढ़े छह लाख रुपये की ठगी की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर धर्मशाला जेल भेज दिया गया।
एसपी की पुष्टि
नूरपुर पुलिस के एसपी कुलभूषण वर्मा ने बताया कि पहला मामला वर्ष 2023 का है, जिसमें फतेहपुर निवासी हरबंस सिंह से व्हाट्सएप कॉल के जरिए 3 लाख रुपये की ठगी हुई थी। दूसरा मामला वर्ष 2024 का है, जिसमें नूरपुर निवासी शिमलो देवी से गूगल पे के माध्यम से साढ़े 3 लाख रुपये ठग लिए गए थे।
साइबर एक्सपर्ट टीम की कार्रवाई
दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए विशेष साइबर एक्सपर्ट टीम का गठन किया गया। पुलिस ने डिजिटल तकनीक, बैंक ट्रांजैक्शन एनालिसिस और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों का पता लगाया। दूसरे मामले का आरोपी गुजरात से गिरफ्तार किया गया; वह मूल रूप से यूपी-बिहार का रहने वाला था और पुलिस की भनक लगते ही फरार हो गया था।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर ज्यूडिशियल रिमांड पर धर्मशाला जेल भेजा गया। एसपी वर्मा ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि साइबर अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “जो भी जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालेगा, उसे कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।”
जनता के लिए सुरक्षा टिप्स
एसपी ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP या बैंक डिटेल साझा न करें। अनजान कॉल और लिंक से सतर्क रहें। ठगी का शिकार होने पर तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
कुलभूषण वर्मा, एसपी नूरपुर: “साइबर अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जनता की कमाई सुरक्षित रहे, इसके लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।”