कुरुक्षेत्र। हरियाणा का पवित्र शहर कुरुक्षेत्र अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रहा, बल्कि आधुनिक तकनीक और ऐतिहासिक अनुभवों का संगम बनकर नई पर्यटन पहचान हासिल कर रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक अब महाभारत से जुड़े प्रसंगों, आध्यात्मिक स्थलों और अत्याधुनिक तकनीक का अनूठा अनुभव एक साथ कर रहे हैं। परंपरा और आधुनिकता का यह मेल तीर्थ यात्रा को एक नए रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
ज्योतिसर में स्थापित महाभारत अनुभव केंद्र शहर का प्रमुख आकर्षण बन चुका है। यहां एलईडी स्क्रीन, डिजिटल इंस्टॉलेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के माध्यम से महाभारत की घटनाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। पांच अलग-अलग ब्लॉकों में महाभारत युद्ध के 18 दिनों की घटनाएं, द्रौपदी स्वयंवर, श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद, भीष्म पितामह की शरशैया और गीता उपदेश जैसे प्रसंग डिजिटल माध्यम से दिखाए जाते हैं।
इस केंद्र के ई-ब्लॉक में एआई आधारित इंटरएक्टिव सिस्टम लगाया गया है, जहां दर्शक सवाल पूछकर डिजिटल माध्यम से उनके जवाब प्राप्त कर सकते हैं। यह तकनीकी अनुभव विशेष रूप से युवाओं और तकनीक में रुचि रखने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
ज्योतिसर में बने पंचजन्य स्मारक और भगवान श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। लगभग पांच मीटर ऊंचा स्वर्णिम शंख, जिस पर गीता के 18 श्लोक अंकित हैं, धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। वहीं करीब 40 फीट ऊंची और 35 टन वजनी श्रीकृष्ण की प्रतिमा प्रकाश और ध्वनि के संयोजन के साथ महाभारत के प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है।
शाम होते ही ज्योतिसर में आयोजित होने वाला लाइट एंड साउंड शो पर्यटकों के लिए खास अनुभव बन जाता है। तालाब के पानी पर रंगीन रोशनी और आधुनिक साउंड सिस्टम के माध्यम से महाभारत की कथा इस तरह प्रस्तुत की जाती है कि दर्शकों को पात्र मानो जीवंत प्रतीत होते हैं।
ब्रह्मसरोवर के पास स्थित कुरुक्षेत्र पैनोरमा और विज्ञान केंद्र भी देखने योग्य स्थल है। यहां प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ा गया है। परमाणु संरचना, ज्यामिति, खगोल विज्ञान, सर्जरी और गणित से जुड़ी अवधारणाओं को इंटरएक्टिव मॉडलों के जरिए समझाया जाता है।
इसके अलावा श्रीकृष्ण संग्रहालय में भगवान श्रीकृष्ण, महाभारत और कुरुक्षेत्र से जुड़े पौराणिक और ऐतिहासिक साक्ष्य प्रदर्शित किए गए हैं। वहीं भद्रकाली शक्तिपीठ आस्था का प्रमुख केंद्र है, जिसे 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और पांडवों की विजय कथा से इसका संबंध बताया जाता है।
ज्योतिसर स्थित महाभारत अनुभव केंद्र का उद्घाटन 16 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से किया था। गीता जयंती के अवसर पर 25 नवंबर 2025 को उन्होंने इस केंद्र का दौरा भी किया था। इसके बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया। आज कुरुक्षेत्र आस्था, इतिहास और आधुनिक तकनीक के अनूठे संगम के रूप में तेजी से एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनता जा रहा है।