करनाल | शहर में दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर सरकारी नाले की जमीन पर अवैध रूप से प्लॉट काटने का मामला सामने आया है। इस मामले में सिटी थाना पुलिस ने 19 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार आरोपितों में सतबीर सिंह, वीरेंद्र पूनिया, सविता रानी, कवलजीत, गुलाब सिंह पूनिया, राजेश पूनिया, कविता, राहुल, रितेश, पूनम, नरेश सिंह, बिमल, नरेंद्र सिंह, अमित, महाबीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, तरुण हुड्डा, सुरेश सिंह और सागर अरोड़ा शामिल हैं। इनमें रोहतक का एक पूरा परिवार भी बताया जा रहा है।
यह मामला आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठाया गया था। शिकायत के बाद मंत्री ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश जिला उपायुक्त (डीसी) को दिए थे, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।
शिकायत के अनुसार सेक्टर-36 स्थित डीआरपी एन्क्लेव के निवासियों और अन्य कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने वर्ष 2010 में करीब 18 एकड़ जमीन मिशन फ्लोरा इंडिया लिमिटेड, रविंद्र सिंह और सविंद्र सिंह कादयान से खरीदी थी। इनमें से लगभग 13 एकड़ भूमि पर डीआरपी एन्क्लेव नाम से अवैध कॉलोनी विकसित कर दी गई, जबकि बाकी जमीन सड़कों के लिए छोड़ी गई थी।
आरोप है कि बाद में अधिकारियों से मिलीभगत कर सड़कों के लिए छोड़ी गई करीब पांच एकड़ जमीन और डीआरपी के कुछ प्लॉटों को मिलाकर ‘स्वर्ण भूमि’ नाम से लाइसेंस प्राप्त कर लिया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस प्रक्रिया में मौके पर सही तरीके से जांच नहीं की गई।
इसके अलावा पार्क के नाम पर स्वीकृत कराई गई जमीन पर पहले से ही मकान बने होने का भी आरोप है। वहीं 60 फुट चौड़े सरकारी नाले की जमीन पर कब्जा कर ‘स्वर्ण भूमि’ के नाम से प्लॉट काटकर बेचने की बात भी सामने आई है। यह जमीन पीडब्ल्यूडी और जन स्वास्थ्य विभाग की बताई जा रही है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई रजिस्ट्रियों में गलत नाम दर्ज किए गए हैं और डीआरपी एन्क्लेव की सड़कों को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।