मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच एक और विवाद सामने आया है। बल्ह से भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी ने आरोप लगाया है कि विभिन्न विकास कार्यों से जुड़ी शिलान्यास पट्टिकाओं को हटाया गया है और चुने हुए प्रतिनिधियों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जिन विभागों के कार्यों की पट्टिकाएं हटाई गई हैं, उनके अधिकारियों के खिलाफ आगामी विधानसभा सत्र में विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाया जाएगा।
विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने याद दिलाया कि 26 जनवरी के कार्यक्रम के दौरान खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने भी डीसी मंडी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दिया था। अब वे भी इस मामले को विधानसभा में उठाने की तैयारी कर रहे हैं।
रिवालसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इंद्र सिंह गांधी ने राज्यस्तरीय छेश्चू मेले के आयोजन को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि मेले के दौरान शिक्षा मंत्री के कार्यक्रम की जानकारी तक उन्हें नहीं दी गई। इस दौरान करोड़ों रुपये की लागत से बने भवनों का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, लेकिन उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इन भवनों के निर्माण के लिए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार ने बजट का प्रावधान किया था।
विधायक ने आरोप लगाया कि बल्ह के समिति हाल भवन के निर्माण के लिए 78 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अब उस भवन पर लगी उनकी शिलान्यास पट्टिका को हटाकर कूड़ेदान में फेंक दिया गया। इसके अलावा रिवालसर नागरिक अस्पताल में लगी पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की शिलान्यास पट्टिका, नेरचौक नगर परिषद की सड़क तथा कुम्मी में सिंचाई विभाग से संबंधित पट्टिकाएं भी हटाए जाने की बात सामने आई है।
उन्होंने कहा कि जब संबंधित विभागों के अधिकारियों से इस बारे में सवाल किया जाता है तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता।
इंद्र सिंह गांधी ने राज्यस्तरीय छेश्चू मेले के आयोजन में वित्तीय अनियमितताओं का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने बल्ह क्षेत्र के लोगों, व्यापारियों और अन्य लोगों से एकत्र किए गए पैसों का सही तरीके से उपयोग नहीं किया।
उन्होंने गुरुकोठा उपडाकघर की बहाली के लिए अधिकारियों, प्रदेश सरकार और केंद्रीय मंत्री से मांग की। इस मौके पर भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।