नई दिल्ली | श्रीलंका के तट के पास ईरानी युद्धपोत ‘आईआरआईएस डेना’ पर हुए हमले को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय हालात में देश को मजबूत और स्पष्ट नेतृत्व की जरूरत है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अब भारत के रणनीतिक हितों के बेहद करीब पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को कमजोर किया है और मौजूदा स्थिति पर सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है। राहुल गांधी ने यह भी चेतावनी दी कि भारत की करीब 40 प्रतिशत तेल आपूर्ति और गैस (एलपीजी व एलएनजी) का बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, ऐसे में क्षेत्र में बढ़ता तनाव भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
इस घटना पर पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि ईरानी युद्धपोत ‘आईआरआईएस डेना’ विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 और मिलन 2026 नौसैनिक अभ्यास में भारत के विशेष निमंत्रण पर शामिल होने आया था। प्रोटोकॉल के तहत ऐसे अभ्यासों में भाग लेने वाले जहाज आमतौर पर हथियार या गोला-बारूद नहीं रखते। सिब्बल के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने अंतिम समय में अभ्यास से अपना नाम वापस ले लिया था, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे निहत्थे जहाज पर हमला बताया और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पुष्टि की है कि अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से ईरानी जहाज को निशाना बनाया।
श्रीलंकाई नौसेना के अनुसार जहाज पर करीब 180 लोग सवार थे। अब तक 87 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 32 लोगों को बचाकर गॉल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ गया है।