Summer Express, चंडीगढ़ | इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला को विदेशी नेटवर्क के जरिए मिली जान से मारने की धमकी के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के रुख पर नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि यदि अगली सुनवाई तक केंद्र सरकार ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने अदालत को बताया कि जिस मोबाइल नंबर से व्हॉट्सएप कॉल कर धमकी दी गई थी, वह विदेशी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। मामले की जांच जारी है और आरोपी की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि अभय चौटाला की सुरक्षा का आकलन किया गया है और रिपोर्ट में संभावित खतरे की आशंका बनी हुई है। इसे देखते हुए चंडीगढ़ के सेक्टर-9/ए स्थित उनके आवास के आसपास बीट पेट्रोलिंग और पीसीआर वाहनों की गश्त बढ़ा दी गई है।
शपथपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि अभय सिंह चौटाला को हरियाणा सरकार पहले ही संरक्षित व्यक्ति घोषित कर चुकी है और उन्हें ‘वाई प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इस सुरक्षा व्यवस्था के तहत एक गार्ड टीम के साथ हरियाणा पुलिस के सात जवान पायलट और एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात हैं, जो सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र स्थित तेजखेड़ा फार्म सहित अन्य स्थानों पर भी सुरक्षा मुहैया करा रहे हैं।
दरअसल, 15 जुलाई 2025 की रात अभय चौटाला के बेटे करण सिंह चौटाला के मोबाइल फोन पर एक व्हॉट्सएप कॉल आई थी, जिसमें जान से मारने की धमकी दी गई थी। यह कॉल +44 से शुरू होने वाले विदेशी नंबर से की गई थी।
इस घटना के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर-3 थाना में मामला दर्ज कर जांच साइबर सेल को सौंप दी गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि यह नंबर ब्रिटिश टेलीकम्युनिकेशंस पीएलसी, लंदन (इंग्लैंड) से पंजीकृत है, जिससे संकेत मिलता है कि धमकी विदेशी नेटवर्क के जरिए दी गई थी। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई तक केंद्र सरकार से जवाब मांगा गया है।