Summer Express, सोनीपत | हरियाणा के सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से सवालों के घेरे में है। पिछले ढाई वर्षों से चल रहे पुनर्निर्माण कार्य के चलते स्टेशन पर सुरक्षा इंतजाम बेहद कमजोर हो गए हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
स्टेशन परिसर में कई जगहों से आने-जाने के रास्ते खुले पड़े हैं, जहां न तो यात्रियों की जांच की जा रही है और न ही किसी तरह की सख्त निगरानी व्यवस्था है। मेटल डिटेक्टर जैसी बुनियादी सुरक्षा सुविधाएं भी यहां मौजूद नहीं हैं।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में स्टेशन परिसर में एक संदिग्ध खुफिया कैमरा मिलने से हड़कंप मच गया। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेलवे अधिकारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
हर दिन करीब 40 हजार यात्रियों की आवाजाही वाले इस स्टेशन पर लगभग 30 एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव होता है। इसके बावजूद सुरक्षा में इतनी बड़ी लापरवाही चिंताजनक मानी जा रही है।
करीब 29 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का पुनर्निर्माण कार्य ढाई साल पहले शुरू हुआ था, जिसे एक साल में पूरा किया जाना था, लेकिन अब तक यह कार्य अधूरा है। फिलहाल फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट और शेड का निर्माण कार्य जारी है, जिससे कई स्थानों पर रास्ते खुले हुए हैं।
पुनर्निर्माण के चलते पहले लगाए गए सभी सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए हैं और नए कैमरे अभी तक नहीं लगाए जा सके हैं। अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन पर करीब 30 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं।
हालांकि आरपीएफ और जीआरपी द्वारा नियमित गश्त का दावा किया जा रहा है, लेकिन आम दिनों में यात्रियों और उनके सामान की जांच न के बराबर होती है। केवल त्योहारों या विशेष अवसरों पर ही सख्ती दिखाई देती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, स्टेशन पर मिला संदिग्ध कैमरा आधुनिक तकनीक से लैस था, जो 360 डिग्री तक घूमकर 100 से 500 मीटर तक की निगरानी कर सकता है और इसे सिम या वाई-फाई के जरिए आसानी से संचालित किया जा सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और जल्द सुधार की आवश्यकता को उजागर किया है।