Summer express, महेंद्रगढ़ (हरियाणा) | हाईकोर्ट ने छह वर्षीय अशु को बिजली के करंट से हुई 92 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता के मामले में 99.93 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश सुनाया है। बच्ची 25 जनवरी 2022 को अपने घर की छत पर खेल रही थी, तभी पास से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई। हादसे में उसका दाहिना हाथ कंधे से कट गया।
बिजली निगम द्वारा पहले 18.92 लाख रुपये मुआवजे की पेशकश की गई थी, जिसे बच्ची ने अपर्याप्त बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी। अदालत ने पाया कि यह हादसा बिजली निगम की लापरवाही का परिणाम था, क्योंकि लाइन घर के बेहद नजदीक थी और सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं थे।
हाईकोर्ट ने मुआवजा तय करते समय भविष्य की आय, इलाज, देखभाल, दर्द-सहना, विवाह संभावनाओं और जीवन की अन्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कुल 99,93,600 रुपये निर्धारित किए। इसमें 21.60 लाख रुपये देखभाल, 15 लाख दर्द और पीड़ा, 10 लाख कृत्रिम हाथ व भविष्य चिकित्सा, 5 लाख जीवन सुविधाओं की हानि शामिल हैं।
अदालत ने निर्देश दिए कि मुआवजे की 90% राशि बच्ची के नाम फिक्स्ड डिपाजिट में रहेगी और ब्याज से हर महीने 30,000 रुपये उसकी देखभाल, पोषण, शिक्षा और सहायक खर्च के लिए उपयोग होंगे। आवश्यकतानुसार उन्नत कृत्रिम अंग या आपात चिकित्सा खर्च के लिए अतिरिक्त राशि निकाली जा सकेगी।
विशेषज्ञों ने इस फैसले को प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर उदाहरण के रूप में देखा और कहा कि यह मुआवजा बच्ची के भविष्य और जीवन निर्वाह के लिए न्यायसंगत है।