Summer Express, नई दिल्ली | लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष के आठ सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया गया। यह फैसला ध्वनि मत से पारित प्रस्ताव के जरिए लिया गया, जिसे संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में पेश किया।
यह प्रस्ताव उस समय लाया गया जब कांग्रेस के मुख्य सचेतक के. सुरेश ने सदन में कुछ सदस्यों के व्यवहार को लेकर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि यह “अनजाने में हुई चूक” थी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि विपक्ष सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में पूरा सहयोग करेगा।
प्रस्ताव को समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले ने समर्थन दिया। इस दौरान धर्मेंद्र यादव ने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है और सत्ता पक्ष को भी इसमें समान भूमिका निभानी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद की कार्यवाही को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए एक मर्यादा रेखा का पालन जरूरी है। उन्होंने सभी सदस्यों से नियमों का सम्मान करने की अपील की।
गौरतलब है कि बजट सत्र के पहले चरण के दौरान 3 फरवरी को अनुशासनहीनता के आरोप में सात कांग्रेस सांसदों और एक CPI(M) सांसद को निलंबित किया गया था। अब सदन में सहमति बनने के बाद उनका निलंबन वापस ले लिया गया है।
इस निर्णय के बाद लोकसभा में गतिरोध कम होने की उम्मीद जताई जा रही है और आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने की संभावना बढ़ गई है।