Summer Express, पंचकूला। एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़े प्लॉट आवंटन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस नेता मोती लाल वोहरा को अदालत से बड़ी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत ने दोनों को आरोपों से मुक्त कर दिया है, जिससे इस लंबे समय से चल रहे मामले में उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही समाप्त हो गई है।
यह मामला पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित करीब 3,360 वर्ग मीटर के सरकारी भूखंड के आवंटन से जुड़ा है। आरोप था कि इस भूखंड के पुनः आवंटन में नियमों की अनदेखी और अनियमितताएं बरती गई थीं। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने की थी, जिसमें भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित चार वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया था। उस समय हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA) के पदेन अध्यक्ष भी थे।
जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि AJL से जुड़े इस भूखंड आवंटन में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और कथित रूप से कुछ लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निर्णय लिए गए। हालांकि, अदालत ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर दोनों नेताओं को आरोपों से मुक्त कर दिया।
इस फैसले को हुड्डा और उनके समर्थकों के लिए एक बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है। वहीं, इस निर्णय के बाद AJL मामले में उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही अब समाप्त हो गई है।