Summerexpress/शिमला:हिमाचल प्रदेश में नए वित्त वर्ष की शुरुआत गैस उपभोक्ताओं के लिए कठिनाइयों भरी साबित हो रही है। 31 मार्च को गैस एजेंसियों के सॉफ्टवेयर अपडेट के कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की बुकिंग स्वतः रद्द हो गई।खासकर वे लोग प्रभावित हुए हैं जिन्होंने 20 मार्च के बाद गैस सिलेंडर के लिए आवेदन किया था,लेकिन उन्हें समय पर डिलीवरी नहीं मिल पाई थी।अब ऐसे उपभोक्ताओं को दोबारा बुकिंग करनी पड़ रही है,जिससे एजेंसियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। प्रदेश में इंडेन,एचपी और भारत गैस की लगभग 191 एजेंसियां कार्यरत हैं।सॉफ्टवेयर अपडेट के चलते 31 मार्च से पहले की सभी लंबित बुकिंग सिस्टम से हट गईं।इसके साथ ही नए वित्त वर्ष के शुरू होते ही उपभोक्ताओं का पुराना गैस कोटा भी समाप्त हो गया और अब मिलने वाले सिलेंडर नए साल के 12 सिलेंडर के वार्षिक कोटे में शामिल होंगे।इस स्थिति का असर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में साफ देखा जा रहा है।जहां पहले शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों के भीतर गैस मिल जाती थी,वहीं अब इंतजार 40 दिनों से अधिक हो गया है।ग्रामीण इलाकों में यह अवधि 45 दिनों तक पहुंच चुकी है।एक सामान्य परिवार के लिए एक सिलेंडर लगभग एक महीने तक चलता है,ऐसे में बढ़ी हुई वेटिंग अवधि ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती दिखाई है।जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि पुराने उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाए।साथ ही चेतावनी दी गई है कि लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।