शिमला, संजू -:हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने नशे के बढ़ते कारोबार और पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता को लेकर कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ‘खाकी’ की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए डीजीपी ने बताया कि विभाग के भीतर मौजूद ‘काली भेड़ों’ की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जैसे एक परिवार में सभी सदस्य एक जैसे नहीं होते, उसी तरह पुलिस विभाग में भी कुछ लोग ऐसे हैं जो अपनी गलत हरकतों से पूरी वर्दी को बदनाम कर रहे हैं।अशोक तिवारी ने खुलासा किया कि वर्ष 2026 में अब तक 16 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। इन कर्मियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामले दर्ज थे या उन पर नशा तस्करों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, किसी भी प्रकार की संलिप्तता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई तय है।उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग अब नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी गंभीरता के साथ काम कर रहा है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं बहुचर्चित चेस्टर हिल मामला पर पूछे गए सवाल के जवाब में डीजीपी ने संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामला फिलहाल जांच के अधीन है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित विभाग इस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रहा है और यदि सरकार पुलिस को कोई जिम्मेदारी सौंपती है, तो उसे पूरी निष्ठा से निभाया जाएगा।डीजीपी के इस सख्त रुख से साफ है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।