Summer Express, करनाल। हरियाणा में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जिससे गेहूं की कटाई प्रभावित हो रही है। बेमौसम बारिश और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते किसानों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और कई जिलों में आंधी, बारिश तथा ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
मार्च का महीना इस बार अप्रत्याशित मौसम के उतार-चढ़ाव के साथ समाप्त हुआ। महीने के पहले पखवाड़े में जहां सामान्य से अधिक गर्मी ने लोगों को परेशान किया, वहीं दूसरे पखवाड़े में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। प्रदेश में मार्च के दौरान लगभग 14.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, हालांकि यह बारिश असंतुलित रही, जिसका सीधा असर कृषि पर पड़ा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल की शुरुआत में भी मौसम स्थिर नहीं रहेगा। दो अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसके प्रभाव से तीन और चार अप्रैल के दौरान पूरे प्रदेश में तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बनी रही। इसके अलावा आगे भी मौसम में बदलाव की चेतावनी जारी की गई है।
गेहूं की कटाई का समय होने के कारण बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है। यदि इस दौरान मौसम बिगड़ता है तो खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होंगे।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और कटाई का कार्य समय पर पूरा करें। साथ ही कटाई के बाद फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने और आवश्यकतानुसार तिरपाल आदि का उपयोग करने की भी हिदायत दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण बार-बार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश की स्थिति बन रही है। ऐसे हालात में किसानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि उनकी मेहनत और फसल सुरक्षित रह सके।