Summer express,करनाल। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने करनाल अनाज मंडी का दौरा कर किसानों और आढ़तियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में किसान अपने ही देश में खुद को उपेक्षित और परेशान महसूस कर रहा है।
हुड्डा ने कहा कि ‘मेरी फसल–मेरा ब्यौरा’, गेट पास और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं किसानों के लिए राहत नहीं बल्कि परेशानी का कारण बन गई हैं। उनके अनुसार इन व्यवस्थाओं का बोझ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने में बाधा पैदा कर रहा है और उन्हें एमएसपी से कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने फसल नुकसान पर तत्काल मुआवजे की मांग भी की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए दावा किया कि हरियाणा पर कर्ज का बोझ 2014 में 70 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध और असुरक्षा का माहौल बढ़ा है तथा कई संगठित गिरोह सक्रिय हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए हुड्डा ने कहा कि स्कूलों की स्थिति लगातार खराब हो रही है, कई प्राथमिक विद्यालय बंद किए जा रहे हैं और जहां स्कूल चल रहे हैं वहां शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जा रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कथित घोटालों की लंबी सूची है, लेकिन उनमें से बहुत कम ही सामने आ पाते हैं। हुड्डा ने सरकार से किसानों, शिक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।