Summer Express, हिसार | गेहूं खरीद प्रक्रिया में लागू किए गए बायोमेट्रिक सत्यापन और ट्रैक्टर नंबर प्लेट से जुड़े नियमों के विरोध में किसान संगठनों ने प्रदेशभर में आंदोलन का ऐलान किया है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि वे विभिन्न टोल प्लाजा पर चार घंटे तक प्रदर्शन करते हुए हाईवे जाम करेंगे। इस आंदोलन को आढ़ती और मजदूर संगठनों का भी समर्थन मिलने की बात कही जा रही है।
किसानों का कहना है कि नई व्यवस्था के चलते मंडियों में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सर्वर की धीमी गति के कारण बायोमेट्रिक सत्यापन में बाधा आ रही है, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। हालांकि, वैकल्पिक व्यवस्था के तहत फिंगरप्रिंट न मिलने पर आंखों की स्कैनिंग की सुविधा दी गई है और जरूरत पड़ने पर मैनुअल अनुमति भी दी जा रही है। इसके बावजूद किसान इस प्रणाली को अव्यवहारिक बताते हुए विरोध जता रहे हैं।
वहीं, अधिकारी लस्टर लॉस का आकलन करने वाली टीम की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि आगे की खरीद प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा सकें।
इस बीच सिरसा जिले के मीरपुर गांव में आग लगने से किसानों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। करीब 26 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। प्रभावित किसानों का आरोप है कि रेलवे ट्रैक से गुजर रही ट्रेन से किसी जलती वस्तु के गिरने से आग लगी, जो तेज हवा के कारण तेजी से फैल गई।
सूचना मिलने पर दमकल विभाग की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक फसल राख हो चुकी थी। किसानों ने बताया कि उन्होंने यह जमीन 75 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से ठेके पर ली थी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रभावित परिवारों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।