हमीरपुर: जिला हमीरपुर में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए चलाया जा रहा एचपीवी टीकाकरण अभियान तेजी पकड़ रहा है। अब तक जिले में 597 किशोरियों को यह टीका लगाया जा चुका है और स्वास्थ्य विभाग इसे और प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। जिले के 32 सरकारी अस्पतालों में यह टीकाकरण सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, जहां रविवार के दिन भी टीके लगाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच बनाई जा सके।
अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए हमीरपुर के सीएमओ सभागार में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला स्तर के सभी एचपीवी प्रभारी उपस्थित रहे। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने अब तक किए गए कार्यों की रिपोर्ट ली और अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने बताया कि भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में सर्वाइकल कैंसर दूसरे स्थान पर है, जबकि पहले स्थान पर स्तन कैंसर आता है। उन्होंने बताया कि हर साल देश में इस बीमारी के लगभग 12 से 13 लाख नए मामले सामने आते हैं और 75,000 से 80,000 महिलाओं की इससे मृत्यु हो जाती है। यह कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के कारण होता है, जिसे समय पर टीकाकरण के जरिए रोका जा सकता है।उन्होंने यह भी बताया कि एचपीवी वैक्सीन पहले से निजी अस्पतालों में उपलब्ध थी, लेकिन इसकी अधिक लागत के कारण यह सभी के लिए सुलभ नहीं थी। अब सरकार 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को यह टीका निःशुल्क उपलब्ध करवा रही है, जिससे अधिक से अधिक किशोरियों को इसका लाभ मिल सके।
टीकाकरण से जुड़ी सभी जानकारियां यू-विन डिजिटल पोर्टल पर दर्ज की जा रही हैं। अभिभावक इस पोर्टल पर पंजीकरण करवाकर अपनी बेटियों के लिए अपॉइंटमेंट ले सकते हैं और नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर टीका लगवा सकते हैं। टीकाकरण के समय आयु प्रमाण पत्र साथ लाना आवश्यक है। यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है, लेकिन इसके लिए अभिभावकों की सहमति अनिवार्य है।