Summer express/शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) में हाल ही में हुई फीस बढ़ोतरी को लेकर विरोध तेज हो गया है। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने इस फैसले के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है और इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है।
शिमला में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान SFI के राज्य सचिव सन्नी सिकटा ने विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि फीस में की गई वृद्धि पूरी तरह मनमानी है और यह सीधे तौर पर छात्र विरोधी कदम है। उनका कहना है कि इस फैसले से खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों पर भारी बोझ पड़ेगा, जिससे उनकी उच्च शिक्षा प्रभावित हो सकती है।सन्नी सिकटा ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस में करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा परीक्षा शुल्क में 50 प्रतिशत, हॉस्टल फीस में 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएचडी से जुड़े थीसिस सबमिशन और मूल्यांकन शुल्क में 50 प्रतिशत और एक्सटेंशन फीस में 33 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। वहीं एमबीए, एमसीए और एमटेक जैसे व्यावसायिक कोर्सों में प्रोजेक्ट रिपोर्ट फीस में 200 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को उन्होंने पूरी तरह अनुचित बताया।
SFI ने सरकार द्वारा दिए जा रहे संसाधनों की कमी के तर्क को भी खारिज किया। संगठन का आरोप है कि यह स्थिति सरकार की नीतिगत विफलताओं का परिणाम है और जानबूझकर सरकारी शिक्षण संस्थानों को कमजोर कर निजी संस्थानों को बढ़ावा दिया जा रहा है।संगठन ने मांग की है कि फीस बढ़ोतरी के इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए और विश्वविद्यालय को पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाए। इसके साथ ही SFI ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने और आंदोलन में शामिल होने की अपील की है, ताकि सभी वर्गों के छात्रों को समान रूप से शिक्षा का अवसर मिल सके।