अशवनी पाहवा/शेखर वार्म लुधियाना | समर न्यूज
त्योहारी सीजन को देखते हुए मिलावटखोरी और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाने का सामान तैयार करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को जालंधर बाईपास के पास घर से चल रही अचार, मुरब्बा, सिरका और सॉस की यूनिट पर फूड सेफ्टी टीम ने छापेमारी की। जांच के दौरान यूनिट में गंदगी से भरे खाने के सामान मिलने पर विभाग ने चालान किया।
टीम ने मौके से करीब 150 पेटी सॉस, दो ड्रम मुरब्बा और पांच गैलन सिरका सहित अन्य स्टॉक जब्त किया है। इसके अलावा तीन खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने बताया कि जांच के दौरान अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए अचार, मुरब्बे और सॉस को मौके पर ही नष्ट करवाया गया, जबकि बाकी स्टॉक को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए जब्त कर लिया गया है। जब्त किए गए स्टॉक में करीब 150 पेटी सॉस, दो ड्रम मुरब्बा और पांच गैलन सिरका शामिल है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित व्यक्ति दूसरे राज्यों से सिरका, मुरब्बा और अन्य खाद्य सामग्री मंगवाकर उन्हें ‘जय ठाकुर जी’ ब्रांड के नाम से पैक कर बाजार में सप्लाई कर रहा था। विभाग की टीम अब उत्पादों पर लगे लेबल, ब्रांडिंग, पैकिंग तिथि और अन्य अनिवार्य जानकारियों की जांच कर रही है।
इसके साथ ही खाद्य सामग्री कहां से खरीदी गई, उसकी पैकेजिंग कहां हुई और बाजार में किस माध्यम से सप्लाई की जा रही थी, इससे संबंधित दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार संबंधित व्यक्ति करीब छह महीने से यह कारोबार कर रहा था। प्रारंभिक जांच में खाद्य पदार्थों की तैयारी और हैंडलिंग घर में किए जाने की बात सामने आई है, जबकि पैकिंग का काम किसी अन्य स्थान पर किए जाने संबंधी जानकारी भी विभाग को मिली है।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में तैयार सॉस और इसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिली। अधिकारियों के अनुसार सॉस की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर उसके सैंपल लिए गए हैं। वहीं मुरब्बे के कुछ डिब्बों पर लेबल और एक्सपायरी डेट नहीं मिली। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि उत्पादों पर सही पैकिंग तिथि, एक्सपायरी डेट और अन्य अनिवार्य विवरण दर्ज किए गए थे या नहीं। फूड सेफ्टी टीम यूनिट के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन, पैकेजिंग, लेबलिंग, ब्रांडिंग, खाद्य पदार्थों के स्रोत और सप्लाई चेन से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। जब्त स्टॉक को सील कर दिया गया है और जांच रिपोर्ट आने तक इसे बाजार में बेचने की अनुमति नहीं होगी।
रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई^डॉ. आशीष चावला ने बताया कि मौके से लिए गए तीन खाने के समान के सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे गए है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इन खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किया गया सामान लोगों के खाने के लायक है भी या नहीं। लैब रिपोर्ट और विभागीय जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और फूड सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।