ऊना,राकेश-:ऊना में हरोली उत्सव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र राणा ने सहकारिता विभाग की विभिन्न कोऑपरेटिव सोसायटियों से धन वसूली किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के समक्ष कुछ दस्तावेज भी प्रस्तुत किए, जिन्हें उन्होंने अपने आरोपों का प्रमाण बताया।
प्रेस वार्ता के दौरान धर्मेंद्र राणा ने कहा कि हरोली उत्सव के आयोजन के नाम पर गगरेट ब्लॉक की 34 कोऑपरेटिव सोसायटियों से धन एकत्र किया गया। उनके अनुसार, इस संबंध में एक सूची भी सामने आई है, जिसमें अलग-अलग सोसायटियों द्वारा दी गई राशि का स्पष्ट उल्लेख है। सूची में कुछ सोसायटियों द्वारा 3500 रुपए, तो कुछ द्वारा 2500 रुपए तक की राशि दिए जाने का विवरण दर्ज है। कुल मिलाकर इस सूची में एक लाख रुपए एकत्र किए जाने की बात सामने आई है।उन्होंने यह भी दावा किया कि उक्त सूची के अंत में कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक की दौलतपुर शाखा की मोहर लगी हुई है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि यह राशि एसडीएम कम चेयरमैन, राज्य स्तरीय हरोली उत्सव के नाम पर प्राप्त हुई है। दस्तावेज के अनुसार, यह धनराशि खाता संख्या 50060882749 में जमा करवाई गई है।
धर्मेंद्र राणा ने एक अन्य बैंक रसीद भी मीडिया को दिखाई, जिसमें इसी खाते में एक लाख रुपए जमा होने का विवरण दर्ज है। उन्होंने कहा कि यह केवल गगरेट ब्लॉक से जुड़े प्रमाण हैं और यदि विस्तृत जांच की जाए तो अन्य क्षेत्रों से भी इसी प्रकार की जानकारी सामने आ सकती है।
भाजपा नेता ने इस पूरे मामले को किसानों और आम जनता के हितों से जुड़ा बताते हुए कहा कि कोऑपरेटिव सोसायटियों में ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपनी मेहनत की कमाई जमा करते हैं। ऐसे में इस धन का उपयोग इस तरह से किया जाना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राशि अप्रत्यक्ष रूप से किसानों के पैसे से ली गई है।धर्मेंद्र राणा ने राज्य सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और यदि वसूली की पुष्टि होती है तो संबंधित राशि को वापस किया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करती है, तो भाजपा किसान मोर्चा जन आंदोलन शुरू करेगा।इस मुद्दे के सामने आने के बाद क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और अब सभी की नजरें सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है.