Summer Express,पंचकूला | हरियाणा सरकार ने पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया में वर्ष 2013 में हुए 14 औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन से जुड़े सीबीआई मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ अभियोजन की अनुमति दे दी है।
इस संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने फरवरी में राज्य सरकार से कानूनी कार्रवाई की मंजूरी मांगी थी। सरकार ने हुड्डा के साथ-साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचयूडीए) के तत्कालीन अधिकारियों,पूर्व मुख्य प्रशासक डीपीएस नागल, पूर्व मुख्य वित्त नियंत्रक एससी कंसल और पूर्व डिप्टी सुपरिंटेंडेंट बीबी तनेजा के खिलाफ भी मुकदमा चलाने की स्वीकृति दी है।
अभियोजन की अनुमति मिलने के बाद अब सीबीआई जल्द ही हुड्डा, संबंधित अधिकारियों और प्लॉट आवंटियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करेगी। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इस मामले में वर्ष 2021 में चार्जशीट दाखिल कर चुका है, जो सीबीआई की एफआईआर के आधार पर दर्ज की गई थी।
ईडी की जांच में हुड्डा को इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। एजेंसी के अनुसार, कथित तौर पर आवंटन प्रक्रिया में नियमों में बदलाव कर चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कई आवंटी हुड्डा के करीबी या परिचित बताए गए हैं।
आवंटन में गड़बड़ी और सरकारी नुकसान
जांच एजेंसियों के अनुसार, 14 प्लॉटों के लिए कुल 582 आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन चयनित आवंटियों में कई आर्थिक रूप से कमजोर और अनुभवहीन पाए गए। प्लॉटों का आवंटन लगभग 6,400 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से किया गया, जो बाजार दर से काफी कम था।
आरोप है कि करीब 30.34 करोड़ रुपये मूल्य के प्लॉट मात्र 7.85 करोड़ रुपये में आवंटित किए गए, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। अब इस मामले में सीबीआई की आगामी कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।