मंडी, धर्मवीर-:मंडी में मिल्कफेड द्वारा किसानों से दूध न खरीदे जाने के विरोध में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज़ किसानों ने मिल्कफेड के गेट के बाहर दूध फेंककर अपना विरोध दर्ज कराया। इस घटना ने प्रदेश की राजनीति को भी गर्मा दिया है।धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने इस पूरे मामले पर राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार किसानों और दूध उत्पादकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है।
सुधीर शर्मा ने कहा कि सरकार ने पहले वादा किया था कि गाय का दूध 80 रुपये और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति किलो खरीदा जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। उनका कहना है कि जनवरी से मार्च तक का भुगतान किसानों को नहीं मिला, जिससे उनमें भारी नाराज़गी है।उन्होंने यह भी बताया कि धर्मशाला के कई दूध उत्पादक उनसे मिले और अपनी परेशानी साझा की। किसानों का कहना है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो वे मिल्कफेड को दूध बेचना बंद कर देंगे और खुले बाजार का रुख करेंगे, जहां उन्हें बेहतर कीमत मिल रही है।सुधीर शर्मा ने इसे सरकार की नीतियों की विफलता करार देते हुए कहा कि प्रदेश में पहली बार किसान इस तरह दूध फेंकने को मजबूर हुए हैं।मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा सरकार से उठ चुका है और मुख्यमंत्री जहां भी जाते हैं, अलग-अलग बयान देते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “अब मुख्यमंत्री का समय जा रहा है, जाते समय दान-पुण्य करना चाहिए, तभी वैतरणी पार होगी।”