Summer express,पानीपत | पानीपत के किला थाना क्षेत्र में मारपीट के एक मामले में कार्रवाई न करने और जांच में कथित लापरवाही बरतने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन SHO और SI समेत आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
मामला राजाखेड़ी निवासी राजेश की याचिका से जुड़ा है। उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट (जूनियर डिविजन) की अदालत में शिकायत दी थी कि अक्टूबर 2025 में जब वह अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी उनके चचेरे भाइयों ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर उन पर हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका इलाज जिला नागरिक अस्पताल में कराया गया।
पीड़ित पक्ष की ओर से थाना किला में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, 110, 115(2), 127(2), 190, 191, 255, 256 और 257 के तहत मामला दर्ज कराया गया था। जांच की जिम्मेदारी तत्कालीन एसआई अनूप को सौंपी गई थी।
आरोप है कि जांच अधिकारी आरोपी पक्ष से रिश्तेदारी होने के कारण मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर सका। न केवल जांच में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि बाद में पीड़ित पक्ष की शिकायत पर ही उसके खिलाफ भी एक अलग प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।
इसके बाद राजेश ने अदालत में गवाह और साक्ष्य पेश किए। सुनवाई के दौरान अदालत ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए इसे संज्ञेय अपराध करार दिया।
अदालत ने तत्कालीन इंस्पेक्टर नीरज, एसआई अनूप समेत मंजीत, वजीर, दर्शन, सीमा और लाली सहित कुल आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। अदालत के आदेश के बाद थाना किला पुलिस ने सभी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।