Summer express/शिमला, 4 मई -: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश सचिवालय परिसर से नगर निगम शिमला के 10 इलेक्ट्रिक कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल के साथ नगर निगम शिमला राज्य का पहला शहरी स्थानीय निकाय बन गया है, जिसने कचरा प्रबंधन के लिए अपने वाहन बेड़े को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की शुरुआत की है।
इन अत्याधुनिक वाहनों को शहर की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप परखने के लिए 10 से 14 नवंबर 2025 तक परीक्षण किए गए थे, जिनमें इनका प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया। प्रत्येक वाहन की कचरा उठाने की क्षमता एक टन है और इनकी खरीद पर लगभग 13.98 लाख रुपये प्रति वाहन खर्च किए गए हैं। वाहनों के संचालन को सुगम बनाने के लिए नगर निगम के पार्किंग परिसर में चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं। एक बार पूर्ण चार्ज होने पर ये वाहन लगभग 130 से 150 किलोमीटर तक चलने में सक्षम हैं।मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार के पहले बजट में ही इस दिशा में ठोस प्रावधान किए गए थे। उनका कहना था कि हिमाचल प्रदेश को हरित राज्य बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में ऐसे प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग नगर निगम के लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी सिद्ध होगा।
इस अवसर पर कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इस पहल का विस्तार किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके। यह कदम न केवल प्रदूषण कम करने में सहायक होगा, बल्कि अन्य नगर निकायों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल साबित हो सकता है।