Summer express/करनाल-:करनाल शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा चुकी है। पिछले 12 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने अब शहर के हालात को गंभीर बना दिया है। पहले जहां मुख्य सड़कें, बाजार और कॉलोनियां कूड़े के ढेर से पट चुकी थीं, वहीं अब डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली टीमें भी हड़ताल के समर्थन में काम बंद कर चुकी हैं। इसके चलते घरों से निकलने वाला कचरा गलियों और मोहल्लों में जमा होने लगा है। शहर में बढ़ती बदबू और गंदगी के कारण लोगों में बीमारी फैलने का डर भी बढ़ता जा रहा है।
नगर निगम की सफाई व्यवस्था ठप होने से करनाल के कई इलाकों में हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। शहर के रिहायशी क्षेत्रों में लोग घरों का कूड़ा खुद खाली प्लॉटों और सड़क किनारे डालने को मजबूर हो रहे हैं। गर्मी के मौसम में सड़ता कचरा अब लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन चुका है। नागरिकों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं।हड़ताल को समर्थन देते हुए डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रित करने वाले कर्मचारियों ने भी अपनी गाड़ियां खड़ी कर दी हैं। कूड़ा कलेक्शन कर्मचारी अनिल ने कहा कि सफाई कर्मचारी पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और वे उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी उनके साथी हैं और जब तक उनकी मांगों पर सरकार कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक वे भी घरों से कूड़ा नहीं उठाएंगे।
इधर, सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कूड़ा फैलाए जाने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे शहर की स्थिति और बिगड़ गई। सेक्टर-12, कोर्ट रोड और अन्य संवेदनशील इलाकों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे दिखाई दिए।सफाई कर्मचारी यूनियन की जिला महिला प्रधान शारदा ने कहा कि इस आंदोलन को समाज के कई वर्गों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों ने मेहनत से करनाल शहर को साफ और सुंदर बनाया था, लेकिन अब रोजगार और अधिकारों की लड़ाई उन्हें आंदोलन करने पर मजबूर कर रही है। शारदा ने कहा कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत नहीं करती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और शहर में जानबूझकर गंदगी फैलाने जैसी घटनाओं में कुछ शरारती तत्व शामिल हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि शहर की छवि खराब करने वाले किसी भी कार्य से बचें और आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने में सहयोग करें।
लगातार बढ़ते कूड़े के ढेर अब स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ा रहे हैं। खुले में पड़े कचरे से मच्छर और बदबू फैल रही है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और सरकार को जल्द हस्तक्षेप कर कर्मचारियों से बातचीत करनी चाहिए ताकि शहर को इस गंदगी और संभावित स्वास्थ्य संकट से बचाया जा सके।