Summer express/पलवल, सुंदर कुंडू -:पलवल में ट्रांसपोर्टरों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान कर दिया है। ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्टर्स कांग्रेस के आह्वान पर 21, 22 और 23 मई 2026 को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल और चक्का जाम किया जाएगा। इसी को लेकर पलवल ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि लगातार बढ़ती लागत और सरकार की नीतियों से परिवहन कारोबार संकट में है। ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतें, टोल टैक्स, इंश्योरेंस और परमिट फीस पहले ही कारोबारियों की कमर तोड़ चुकी हैं। वहीं अब पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क और ग्रीन टैक्स में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्टर्स कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश सभरवाल ने कहा कि ट्रांसपोर्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार आधुनिक तकनीक और बीएस-6 वाहनों को बढ़ावा देने की बात करती है, जबकि दूसरी तरफ उन्हीं वाहनों पर अतिरिक्त टैक्स और प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।उन्होंने मांग की कि पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क और ग्रीन टैक्स में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए तथा प्रदूषण मुक्त बीएस-6 वाहनों को इन टैक्सों से पूरी तरह छूट दी जाए। साथ ही बीएस-6 वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंधों पर भी पुनर्विचार करने की मांग उठाई गई।ट्रांसपोर्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 21 से 23 मई तक दिल्ली-एनसीआर में किसी भी कॉमर्शियल वाहन का संचालन नहीं होगा। इसका असर दिल्ली-एनसीआर की सप्लाई चेन पर पड़ सकता है, क्योंकि राशन, दवाइयां, फल-सब्जियां और औद्योगिक सामान की ढुलाई मुख्य रूप से ट्रकों के जरिए ही होती है।