Summer express, नारनौल। हरियाणा के नारनौल में पीसीपीएनडीटी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। प्रशासन ने सुनियोजित डिकॉय ऑपरेशन के जरिए राजस्थान निवासी एक आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
जानकारी के अनुसार पीसीपीएनडीटी टीम को 21 मई को हरियाणा-राजस्थान सीमा से सटे इलाकों में गैरकानूनी तरीके से भ्रूण लिंग जांच किए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हर्ष चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। इसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए फर्जी ग्राहक बनाकर डिकॉय ऑपरेशन तैयार किया गया।
प्रशासन की योजना के तहत एक गर्भवती महिला को नकली मरीज बनाकर दलालों से संपर्क कराया गया। आरोपियों ने लिंग परीक्षण के बदले 35 हजार रुपये की मांग की। सौदा तय होने के बाद महिला को बताए गए स्थान पर भेजा गया, जहां राजस्थान के झुंझुनूं जिले के धंतर गांव निवासी कल्याण उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनसान इलाके में ले गया।
बताया गया कि वहां महिला का अवैध तरीके से भ्रूण लिंग परीक्षण किया गया। जांच पूरी होने के बाद आरोपी ने इशारों में गर्भ में लड़का होने की जानकारी दी।
जैसे ही डिकॉय ऑपरेशन पूरा हुआ, पहले से सतर्क पीसीपीएनडीटी टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गांव गोद के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-11 के फ्लाईओवर के नीचे घेरकर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से नकदी, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था और अवैध भ्रूण लिंग जांच का कारोबार चला रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994, भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120बी सहित एमएमसी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।