Summer express,चंडीगढ़। हरियाणा में सोशल मीडिया पर व्यंग्य के तौर पर शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बनती जा रही है। बेरोजगारी, युवाओं की नाराजगी और सरकार विरोधी भावनाओं के बीच शुरू हुआ यह ऑनलाइन ट्रेंड अब नेताओं के बयान, विरोध प्रदर्शन और चुनाव आयोग तक पहुंच गया है।
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, एक्स और अन्य माध्यमों पर तेजी से वायरल हुए इस ट्रेंड को लाखों युवाओं का समर्थन मिल रहा है। कई वीडियो और पोस्ट करोड़ों बार देखे जा चुके हैं। शुरुआत में इसे केवल एक व्यंग्यात्मक अभियान माना जा रहा था, लेकिन अब यह राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है।
हरियाणा की राजनीति में भी इस ट्रेंड को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने खुद को “कॉकरोच जनता पार्टी” का पहला विधायक बताते हुए मजाकिया अंदाज में बयान दिया, जिसके बाद उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। भाजपा ने इस बयान को लेकर इनेलो पर निशाना साधा और इसे राजनीतिक भ्रम फैलाने वाला बताया।
वहीं कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड से जुड़े अकाउंट ब्लॉक होने को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और वोटबंदी के बाद अब “कॉकरोचबंदी” की राजनीति की जा रही है। हुड्डा ने इसे युवाओं की बेरोजगारी और व्यवस्था के प्रति नाराजगी का प्रतीक बताया।
सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने भी इसे समाज में बढ़ते असंतोष का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं, किसानों और मजदूरों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है और सोशल मीडिया पर ऐसे ट्रेंड उसी गुस्से को दर्शाते हैं।
इस बीच किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने दावा किया है कि उन्हें “कॉकरोच जनता पार्टी” का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान इस बात का संकेत है कि देश का युवा अब पारंपरिक राजनीतिक दलों का विकल्प तलाश रहा है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि पार्टी का अभी तक आधिकारिक पंजीकरण नहीं हुआ है।
पानीपत के अधिवक्ता सुधीर जाखड़ ने इस पार्टी के पंजीकरण के लिए चुनाव आयोग में आवेदन भी दिया है। आयोग की ओर से संविधान, पदाधिकारियों और कार्यालय संबंधी दस्तावेजों की मांग की गई है। अधिवक्ता का कहना है कि जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।
रोहतक और रेवाड़ी समेत कई जिलों में इस नाम से विरोध प्रदर्शन और सोशल मीडिया ग्रुप भी बनाए गए हैं। कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में “मैं भी हूं कॉकरोच” लिखे पोस्टर दिखाई दिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह ट्रेंड केवल मजाक या व्यंग्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं के भीतर बढ़ रही नाराजगी और डिजिटल राजनीति के नए स्वरूप को भी सामने ला रहा है।