Summer express, नूंह। नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के गांव अलीपुर-तिगरा में लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी। आग ने देखते ही देखते भूसे के बड़े ढेर, एक कैंटर, छप्पर और अन्य सामान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के दौरान आसमान में उठता काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देता रहा। घटना में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी इसराइल पुत्र नवल खां का करीब डेढ़ सौ मन पशु चारा और भूसा आग में जलकर राख हो गया। वहीं राजस्थान के नीमली तिजारा निवासी इकबाल पुत्र शहाबुदीन का परचून का सामान और प्लास्टिक दाने से भरा आइसर कैंटर भी आग की चपेट में आ गया। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा वाहन जलकर लोहे के ढांचे में बदल गया। बताया जा रहा है कि कैंटर गांव में रिश्तेदार के यहां खड़ा था।
ग्रामीणों के मुताबिक आग की शुरुआत गांव में रखे ईंधन के ढेर से हुई। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और आसपास रखे भूसे के ढेरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
आग ने पास में बने एक छप्पर को भी नुकसान पहुंचाया, जहां रखी चारपाइयां, घरेलू सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं जल गईं। वहीं नूर मोहम्मद पुत्र नवल खां का एक पुराना डंपर भी आग की चिंगारियों से क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने बाल्टियों, पाइपों और पानी के टैंकरों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों के सहयोग से आग पर नियंत्रण पाया गया।
गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई परिवारों की मेहनत की कमाई पलभर में राख हो गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।