Summer express, मोनिका रावत, चंडीगढ़। हाउसिंग बोर्ड के 60 हजार मकानों में रहने वाले लोगों की राहत की सांस मिलेगी। लोगों के घरों पर पीला पंजा नहीं चलेगा। प्रशासन द्वारा नीड बेस्ड चेंज पर गठित कमेटी की जब तक रिपोर्ट नहीं आती तब तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। प्रशासन ने हाउसिंग बोर्ड के मकान में रहने वाले लोगों को राहत दी है।
मुख्य सचिव के आदेश पर अधिकारियों की एक कमेटी का गठन हुआ है इस कमेटी की बैठक हो चुकी है जिसमें जरूरत के अनुसार किए गए बदलावों की सिफारिश को नियमित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई है कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपनी। है। आवंटियों द्वारा मकानों के निर्माण डिजाइनों में किए गए बदलावों और अतिरिक्त निर्माणों को लेकर जारी ध्वस्तीकरण कार्रवाई को फिलहाल स्थगित कर दिया है। यह निर्णय उन बड़ी संख्या में प्राप्त अभ्यावेदनों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिनमें निर्माणों के नियमितीकरण की मांग की गई थी। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है।
सीएचबी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस संबंध में एक समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीएचबी कर रहे हैं। समिति का गठन यूटी चंडीगढ़ के माननीय प्रशासक की स्वीकृति से 11 मई 2026 के आदेश के तहत किया गया था।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पहले से जारी नोटिसों के आधार पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई को समिति की सिफारिशों को अंतिम रूप दिए जाने तक स्थगित रखा जाएगा। इस फैसले से उन आवंटियों को फिलहाल राहत मिली है, जिनके मकानों में अतिरिक्त निर्माण या डिजाइन में परिवर्तन किए गए । मालूम हो कि पिछले महीने हाउसिंग बोर्ड ने सेक्टर 45 में तोड़फोड़ की कार्रवाई की थी जिसका विरोध मेयर और पार्षदों ने भी किया था। सिफारिश ना आने तक कार्रवाई न होने को लोग एक बड़ी रात मान रहे हैं। मालूम हो कि शहर में 62000 हाउसिंग बोर्ड के मकान है जिसमें 90 फिसल से ज्यादा मकान में लोगों ने बदलाव किए हुए हैं जिसे प्रशासन वायलेशन मानता है लोग वन टाइम रहता की मांग कर रहे हैं जिस पर भी प्रशासन इस समय विचार कर रहा है मुख्य सचिव के आदेश पर 10 दिन पहले जो कमेटी का गठन किया था वह भी इस प्रस्ताव पर गंभीरता से मंथन कर रही है। सीएचबी रेजिडेंट फेडरेशन के अध्यक्ष निर्मल दत्त का कहना है कि अब उम्मीद है कि प्रशंसक हाउसिंग बोर्ड के रे मकान में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत देंगे और जरूरत के अनुसार किए गए बदलाव को नियमित करेंगे।