थाइलैंड में समुद्री जहाज पर गैस रिसाव से हुई थी मौत, बेटे का शव देख फूट-फूट कर रो पड़े माता-पिता
हमीरपुर, अरविंद -:हमीरपुर जिले की लंबरी पंचायत के अंतर्गत आने वाले अस्थोथा गांव में रविवार का दिन बेहद दुखद रहा। करीब 20 दिनों के लंबे इंतजार के बाद 26 वर्षीय युवक साहिल का शव उसके पैतृक घर पहुंचा। बेटे के पार्थिव शरीर को देखते ही माता-पिता की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। गांव में हर ओर शोक का वातावरण दिखाई दिया और लोगों की आंखें नम हो उठीं। ग्रामीण बड़ी संख्या में परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचे।
जानकारी के मुताबिक साहिल मर्चेंट नेवी में कार्यरत था और थाइलैंड के पास समुद्री जहाज पर ड्यूटी के दौरान एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। चार मई को जहाज में गैस रिसाव होने से उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद परिवार लगातार बेटे के शव के भारत लाए जाने का इंतजार कर रहा था। रविवार देर रात करीब 12 बजे उसका शव गांव पहुंचा, जिसके बाद पूरे परिवार में मातम छा गया। रातभर रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार के साथ मौजूद रहे।सोमवार सुबह जब एंबुलेंस से साहिल के शव को बाहर निकाला गया तो माता-पिता अपने बेटे को देखकर बेसुध हो गए। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। परिवार के सदस्यों ने अंतिम विदाई से पहले साहिल को दूल्हे की तरह सजाया, क्योंकि घर में उसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं। परिजनों के अनुसार साहिल सितंबर महीने में घर आने वाला था और इसी साल उसका विवाह करने की योजना बनाई जा रही थी। लेकिन अचानक हुए हादसे ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं।सुबह करीब 10 बजे हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार साहिल का अंतिम संस्कार किया गया। चचेरे भाई ने उसे मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश करता नजर आया, लेकिन माता-पिता का दुख देखकर माहौल बेहद भावुक हो गया।
साहिल अपने परिवार का बड़ा सहारा था। उसका छोटा भाई भी मलेशिया में मर्चेंट नेवी में नौकरी कर रहा है। पिता देशराज व्यवसाय से जुड़े हुए हैं जबकि माता कमलेश गृहिणी हैं। बेटे की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।लंबरी पंचायत के पूर्व उपप्रधान संजीव ने बताया कि युवक का अंतिम संस्कार पूरे रीति-रिवाजों के साथ संपन्न करवाया गया। उन्होंने इस घटना को पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति बताते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने की मांग की। गांव में लगातार लोग पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।