Summer express, अंकुर कपूर ,अंबाला । ईद-उल-अजहा के पावन अवसर पर हरियाणा की युवा नेत्री एवं अंबाला छावनी की बेटी चित्रा सरवारा ने चुना चौक स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद पहुंचकर मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान उन्होंने देश में प्रेम, भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने का संदेश दिया।
चित्रा सरवारा ने जामा मस्जिद अंबाला के मौलवी मोहम्मद असगर कासमी से मुलाकात कर उन्हें ईद की शुभकामनाएं दीं। मस्जिद परिसर में मौजूद लोगों ने उनका गर्मजोशी और सम्मान के साथ स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है, जहां अलग-अलग धर्म, भाषाएं और संस्कृतियां होने के बावजूद लोग मिल-जुलकर प्रेम और सम्मान के साथ रहते हैं।
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान केवल एक देश नहीं बल्कि साझा संस्कृति, आपसी विश्वास और भाईचारे की मिसाल है। भारत की गंगा-जमुनी तहजीब पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती है, जहां लोग एक-दूसरे के त्योहारों में भी पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ शामिल होते हैं।
चित्रा सरवारा ने कहा, “भारत एक खूबसूरत गुलदस्ता है और हम सब उसके अलग-अलग फूल हैं। जब सभी फूल मिलकर खिलते हैं तभी गुलदस्ता सुंदर दिखाई देता है। इसी तरह सभी धर्मों और समाजों के लोग मिलकर देश को मजबूत और महान बनाते हैं।”
उन्होंने कहा कि हर धर्म इंसानियत, सेवा, करुणा और आपसी सहयोग का संदेश देता है। कोई भी मजहब नफरत या हिंसा की शिक्षा नहीं देता। ईद-उल-अजहा त्याग, समर्पण और मानवता का पर्व है, जो समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद करने और इंसानियत को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है।
चित्रा सरवारा ने कहा कि आज देश को सामाजिक सद्भाव और आपसी विश्वास को मजबूत करने की सबसे अधिक जरूरत है। समाज तभी मजबूत बनता है जब लोग धर्म और जाति से ऊपर उठकर इंसानियत को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने प्रदेश और देशवासियों को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं देते हुए देश में अमन, शांति, प्रेम और भाईचारे की दुआ की।