Summer express/हमीरपुर, अरविंद-: जिला हमीरपुर की 82 ग्राम पंचायतों में पंचायती राज संस्थाओं के दूसरे चरण के चुनाव के तहत गुरुवार सुबह 7 बजे से मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आया। भोरंज विधानसभा क्षेत्र के समीरपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने अपनी पत्नी के साथ मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई। इस दौरान उन्होंने चुनाव मैदान में उतरे सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं देते हुए लोगों से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की।
मतदान के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र की आधारशिला हैं और ग्रामीण विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास, स्थानीय समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में पंचायत प्रतिनिधियों का अहम योगदान रहता है।ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब लोग अपने मताधिकार का प्रयोग पूरी जिम्मेदारी और जागरूकता के साथ करेंगे।उन्होंने हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का भी उल्लेख किया। ठाकुर ने कहा कि महिलाओं ने पंचायतों में अपनी सक्रिय भागीदारी से विकास कार्यों को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए सामाजिक और आर्थिक बदलाव का माध्यम बन रही हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है।प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन हाल ही में हुए नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों के पहले चरण के परिणामों ने जनता की वास्तविक सोच को सामने ला दिया है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की नीतियों से लोग संतुष्ट नहीं हैं और मतदाता चुनाव के माध्यम से अपना असंतोष जाहिर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब विकास और सुशासन चाहती है तथा चुनाव परिणामों में इसका स्पष्ट असर दिखाई दे रहा है।
केरल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के विरोध से जुड़े सवाल पर सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही कार्रवाई का विरोध करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जब लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते हैं और जांच शुरू होती है, तब कुछ लोग राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास करते हैं। ठाकुर ने कहा कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्य करती हैं और न्यायालय भी ऐसे मामलों को गंभीरता से देख रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसक प्रतिक्रिया या विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही नहीं माना जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसआईआर मामले में दिए गए फैसले का स्वागत करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि अदालत के निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल चुनाव में हार मिलने के बाद कभी ईवीएम पर सवाल उठाते हैं तो कभी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर संदेह जताते हैं। ठाकुर ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बार-बार सवाल खड़े करना उचित नहीं है और सभी राजनीतिक दलों को संविधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए।