Summer express, कुवैत | मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच शांति बहाली की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। ईरान युद्ध के दौरान लागू नाजुक युद्धविराम के बीच गुरुवार को कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमला किए जाने की खबर सामने आई है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में एक बार फिर हालात बिगड़ने और संघर्ष तेज होने की आशंका बढ़ गई है।
कुवैत की सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर हवाई हमले की पुष्टि की है। हालांकि सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सेना ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हमले का निशाना कौन-सा इलाका या सैन्य ठिकाना था। फिलहाल किसी भी देश या आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में कुवैत को ईरान और इराक में सक्रिय ईरान समर्थित शिया लड़ाकों की ओर से लगातार खतरे मिल रहे थे। ऐसे में यह हमला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी सेना ने दावा किया था कि उसने युद्धविराम का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों के जवाब में ईरानी ठिकानों पर कार्रवाई की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास खतरा पैदा कर रहे ईरान के चार सुसाइड ड्रोनों को मार गिराया गया, जबकि एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को भी नष्ट कर दिया गया।
अमेरिकी कार्रवाई के कुछ ही समय बाद कुवैत पर हुए हमले ने पूरे इलाके में तनाव और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नियंत्रित नहीं हुए तो मिडिल ईस्ट में संघर्ष और गहरा सकता है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब कुवैत और ईरान से आने वाली अगली प्रतिक्रियाओं पर टिकी हुई है।