Summer express, चंडीगढ़। हरियाणा में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। पेप्सिको इंडिया ने अपनी ‘रेवोल्यूशनारी’ पहल के तहत हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और इंडस एक्शन के साथ साझेदारी की है। इस पहल का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में राज्य की 1.1 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में स्थापित करना है।
इस योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। महिलाओं को रियायती दरों पर ऋण, प्रशिक्षण, बाजार तक पहुंच और आजीविका से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे अपनी आय बढ़ाकर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
पहल के तहत महिलाओं को पशुपालन, डेयरी व्यवसाय, खाद्य प्रसंस्करण, पापड़-अचार निर्माण और छोटे घरेलू उद्योगों से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
गुरुग्राम की नारीशक्ति स्वयं सहायता समूह की सदस्य मंजीत ने बताया कि इस योजना से उन्हें अपने छोटे व्यवसाय को विस्तार देने में काफी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण और आसान ऋण सुविधा मिलने से अब वे आत्मनिर्भर बन गई हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सहयोग कर रही हैं।
वहीं शंकर महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य सरोज ने कहा कि योजना से उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है, जिससे अब वे अपने बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च बेहतर तरीके से संभाल पा रही हैं।
पेप्सिको इंडिया और दक्षिण एशिया की मुख्य कॉर्पोरेट मामलों की अधिकारी एवं सस्टेनेबिलिटी हेड यशिका सिंह ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण समाज और परिवार दोनों के विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगी।
एचएसआरएलएम के सीईओ सूरज भान ने बताया कि डिजिटल योजना पात्रता मिलान प्रणाली के जरिए महिलाओं को सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। इससे महिलाओं को रोजगार और आय बढ़ाने के नए अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत डिजिटल ट्रैकिंग पोर्टल, शिकायत निवारण प्रणाली और तकनीक आधारित सहायता तंत्र भी विकसित किए जाएंगे, ताकि महिलाओं को लंबे समय तक आर्थिक मजबूती और निरंतर सहयोग मिल सके।