Summer express/शिमला, संजू -:भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि राज्य सरकार चुनावी व्यवस्था में हस्तक्षेप कर जनता के जनादेश को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सत्ता और प्रशासनिक ताकत का इस्तेमाल कर स्थानीय निकायों में अपने राजनीतिक हित साधने की कोशिश कर रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि पंचायती राज चुनाव निर्धारित समय के अनुसार वर्ष 2025 के अंत में आयोजित होने चाहिए थे, लेकिन सरकार ने इन्हें समय पर कराने में रुचि नहीं दिखाई। उनके अनुसार चुनावों में हुई देरी के कारण प्रदेश संवैधानिक जटिलताओं की स्थिति में पहुंच गया। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ सकी, जिसके लिए प्रदेश की जनता न्यायपालिका की आभारी है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार को यह आभास हो चुका है कि प्रदेश में उसकी नीतियों को जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में मतदाताओं ने कांग्रेस के प्रति असंतोष व्यक्त किया है। इसी कारण सरकार अब चुनाव परिणामों को अपने पक्ष में प्रभावित करने के लिए विभिन्न प्रशासनिक उपायों का सहारा ले रही है।उन्होंने नगर निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि 17 मई को मतदान संपन्न होने के बावजूद चुने गए पार्षदों की अधिसूचना समय पर जारी नहीं की गई। भाजपा ने इस मामले को न्यायालय के समक्ष उठाया, जिसके बाद अधिसूचना जारी की गई। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि इसके बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया में भी बदलाव कर दिया गया, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 27 मई को जारी अधिसूचना के माध्यम से नगर निकाय चुनाव नियमों में संशोधन किया गया। नए प्रावधानों के तहत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए बैठक बुलाने के अधिकार और समय-सीमा में परिवर्तन किया गया है। भाजपा का आरोप है कि इस बदलाव से निर्वाचित प्रतिनिधियों पर राजनीतिक दबाव बनाने और समीकरण बदलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
डॉ. बिंदल ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में बदलाव करना लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी परंपराओं के विपरीत माना जाता है। उनका कहना है कि इस प्रकार के संशोधन चुनावों की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करते हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार पर जनता द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चुनाव परिणामों को स्वीकार करने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए नियमों में बदलाव करती है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है।