Summer express/धर्मशाला, राहुल-: हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुए नगर निगम और पंचायत चुनावों के नतीजों के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। चुनाव परिणामों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में हमीरपुर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी नतीजे प्रदेश की जनता का सरकार के प्रति असंतोष दर्शाते हैं।धर्मशाला स्थित कांगड़ा रेलवे स्टेशन पर मीडिया से बातचीत करते हुए अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि नगर निगम और पंचायत चुनावों में भाजपा तथा भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कई मंत्रियों के गृह क्षेत्रों में भी भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत हुई है, जो राज्य सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी का संकेत है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में कांग्रेस का जनाधार कमजोर हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों और फैसलों से संतुष्ट नहीं है। उनके अनुसार, यदि वर्तमान परिस्थितियों में विधानसभा चुनाव कराए जाएं तो कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।भाजपा सांसद ने कहा कि जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण के मुद्दों पर भाजपा के साथ खड़ी है। उन्होंने पार्टी की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा हमेशा गांव, गरीब, किसान और आम लोगों के हितों को प्राथमिकता देती रही है। ठाकुर ने पंचायतों को लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई बताते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर जनता की भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाती है।इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा। उनका आरोप था कि सरकार और उसके प्रतिनिधि आम लोगों की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय है और लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उधर, नगर निगम और पंचायत चुनावों के नतीजों के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। भाजपा इन परिणामों को कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनमत बता रही है, जबकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि स्थानीय चुनावों के नतीजों को राज्य की व्यापक राजनीतिक तस्वीर से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।