चंडीगढ़ में पार्किंग रेट में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। नगर निगम हाउस की सोमवार को हुई बैठक में पार्किंग दरों में बदलाव से संबंधित प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। प्रस्ताव में मौजूदा फ्लैट रेट सिस्टम की जगह समय के आधार पर शुल्क वसूलने की तैयारी थी।
विपक्षी पार्षदों ने प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की लेकिन मेयर ने बिना चर्चा के ही इसे रिजेक्ट कर दिया।
मेयर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी न तो पार्किंग रेट बढ़ाने के पक्ष में थी और न ही भविष्य में रेट बढ़ाने का समर्थन करेगी। इस पर विपक्षी पार्षदों ने सवाल उठाया कि जब मेयर और भाजपा रेट बढ़ोतरी के पक्ष में नहीं थे, तो प्रस्ताव हाउस में कैसे लाया गया। विपक्ष ने मांग की कि इस पर चर्चा होनी चाहिए थी। बैठक के दौरान नगर निगम कमिश्नर की ओर से कहा गया कि प्रस्ताव से जुड़े तकनीकी बिंदुओं पर
जानकारी देने वाले अधिकारी बैठक में मौजूद नहीं थे, इसलिए चर्चा आगे नहीं बढ़ सकी।
इसके बाद प्रस्ताव को बिना विस्तृत चर्चा के खारिज कर दिया गया।
प्रस्ताव के तहत पार्किंग में प्रवेश के समय ई-टिकट जारी करने, एग्जिट पर समय के हिसाब से शुल्क वसूलने, सीसीटीवी आधारित सेंट्रल मॉनीटरिंग, बूम बैरियर, रियल टाइम पार्किंग मैनेजमेंट और मोबाइल एप जैसी सुविधाएं लागू करने की
योजना थी। अधिकारियों का तर्क था कि इससे पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और निगम का राजस्व भी बढ़ेगा।
बैठक में 20 प्रस्ताव, ज्यादातर पास
बैठक में कुल 20 प्रस्ताव लाए गए जिनमें से ज्यादातर प्रस्ताव पास हो गए। प्रश्नकाल के दौरान शहर में पीने के पानी की गुणवत्ता का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सेक्टर-40 की पार्षद गुरबख्श रावत ने अपने वार्ड में दूषित पानी की आपूर्ति का आरोप लगाते हुए एक महिला की मौत का मामला सदन में रखा और जांच की मांग की। पार्षदों ने पानी के टैंकरों की गुणवत्ता और खराब ट्यूबवेलों की मरम्मत में देरी पर भी सवाल उठाए। बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा नेताओं के बयानों को लेकर हंगामा किया। वहीं, नगर निगम कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हर घर 20,000 लीटर मुफ्त पानी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया
विपक्ष ने उठाए ये मुद्दे
{कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हर घर को प्रतिमाह 20,000 लीटर मुफ्त पानी देने का वादा किया था, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया। इस मांग को लेकर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया गया।
{सदन के भीतर कांग्रेस और आप पार्षदों ने भाजपा के चंडीगढ़ अध्यक्ष जितेंद्र मल्होत्रा के कथित बयान का विरोध किया और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की। इस मुद्दे पर काफी देर तक नारेबाजी और हंगामा हुआ।
{विपक्ष ने पार्किंग शुल्क में प्रस्तावित बढ़ोतरी और फ्लैट रेट समाप्त कर घंटे के हिसाब से शुल्क लागू करने पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
{नगर निगम की सभी 89 पार्किंगों का संचालन 10 साल के लिए एक निजी कंपनी को सौंपने के प्रस्ताव पर विपक्ष ने पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष ने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण से पहले विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
{विपक्षी पार्षदों ने पेयजल, सफाई, सीवरेज, सड़कों की मरम्मत और अन्य नागरिक सुविधाओं में सुधार की जरूरत पर जोर दिया और निगम प्रशासन से इन मुद्दों पर प्राथमिकता से काम करने की मांग की।