राजवीर बक्शी | लुधियाना
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शहर में नई गाड़ियों को बिना स्थायी पंजीकरण नंबर के सड़कों पर उतारा जा रहा है। ऑटोमोबाइल एजेंसियां खुलेआम ‘एप्लाइड फॉर’ या अस्थायी नंबर के सहारे वाहन ग्राहकों को सौंप रही हैं।
कई वाहन एक-एक महीने तक बिना स्थायी नंबर के सड़कों पर दौड़ते रहते हैं, लेकिन न क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और न ही ट्रैफिक पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार, नियमों के मुताबिक किसी भी नए वाहन को स्थायी पंजीकरण नंबर मिलने के बाद ही एजेंसी से बाहर निकाला जाना चाहिए। इसके बावजूद शहर में रोजाना बड़ी संख्या में वाहन बिना स्थायी नंबर के सड़कों पर उतर रहे हैं। आम लोगों का सवाल है कि जब दस्तावेज अधूरे होने पर ट्रैफिक पुलिस वाहन जब्त तक कर लेती है, तो बिना नंबर चल रहे नए
वाहनों और उन्हें सड़क पर उतारने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
सूत्रों का कहना है कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और ट्रैफिक पुलिस के बीच समन्वय की कमी का फायदा एजेंसी संचालक उठा रहे हैं। इसी वजह से नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अपेक्षित सख्ती देखने को नहीं मिल रही।
पहले भी जारी हो चुके हैं नोटिस: लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कुछ महीने पहले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने कई वाहन एजेंसियों को नोटिस जारी कर बिना स्थायी पंजीकरण नंबर के वाहन बाहर न निकालने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद अधिकांश एजेंसियों ने नियमों की अनदेखी जारी रखी और आज भी ‘एप्लाइड फॉर’ के नाम पर वाहन ग्राहकों को सौंपे जा रहे हैं।
स्टाफ की कमी से जूझ रहा कार्यालय: दूसरी ओर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) लंबे समय से कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। नई भर्ती नहीं होने के कारण सीमित स्टाफ पर अतिरिक्त कार्यभार है। कई कर्मचारी न्यायालय से जुड़े मामलों में व्यस्त रहते हैं, जिसके चलते कई कमरों पर ताले लगे रहते हैं। कई बार कार्यालय के बाहर यह सूचना भी लगी होती है कि संबंधित कर्मचारी न्यायालय के कार्य से बाहर हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है।
एक लाख की एक्सेसरी खरीदने वालों को तुरंत वाहन देने का आरोप: आजाद टैक्सी यूनियन के पंजाब प्रधान शरणजीत कलसी ने परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि कुछ एजेंसियां करीब एक लाख रुपये तक की एक्सेसरी खरीदने वाले ग्राहकों को बिना किसी इंतजार के ‘एप्लाइड फॉर’ के आधार पर वाहन दे देती हैं, जबकि एक्सेसरी नहीं लेने वाले ग्राहकों को वेटिंग या वाहन उपलब्ध न होने का हवाला देकर टाल दिया जाता है।
इस मामले में उच्च अधिकारियों ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय-(आरटीओ) लुधियाना को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई।
कमर्शियल वाहनों पर सख्ती, एजेंसियों पर नरमी: क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) विभाग अब तक करीब 150 कमर्शियल वाहनों के चालान कर चुका है और समय-समय पर विशेष अभियान भी चलाए जाते हैं। हालांकि बिना नंबर वाहन सड़क पर उतारने वाली एजेंसियों की नियमित जांच और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से नियमों की अनदेखी लगातार जारी है।
क्या बोले आरटीओ: आरटीओ मनकवल सिंह ने कहा, वाहन एजेंसियों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। यदि इसके बावजूद कोई एजेंसी बिना स्थायी पंजीकरण नंबर के वाहन बाहर निकालती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार जुर्माना और कार्रवाई की जाएगी।