शगुन कश्यप | चंडीगढ़
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के देशव्यापी आह्वान पर बुधवार को चंडीगढ़ में सैकड़ों किसानों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विरोध में प्रदर्शन किया।
किसान सेक्टर-35 स्थित किसान भवन से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सेक्टर-33 स्थित कार्यालय की ओर मार्च निकाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया।
इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच कुछ देर धक्का-मुक्की भी हुई। किसानों को आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद उन्होंने मौके पर ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन एसकेएम के देशव्यापी अभियान का हिस्सा था, जिसके तहत कई राज्यों में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक टोल प्लाजा को टोल मुक्त रखा गया, जबकि जिन स्थानों पर टोल प्लाजा नहीं थे, वहां भाजपा कार्यालयों और पार्टी नेताओं के आवासों के बाहर प्रदर्शन आयोजित किए गए।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ प्रशासन ने उन्हें भाजपा कार्यालय तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया और प्रदर्शन के दौरान कुछ किसानों को थोड़ी देर के लिए हिरासत में भी लिया गया। बाद में प्रशासन ने आश्वासन दिया कि चंडीगढ़ भाजपा नेतृत्व को किसानों का ज्ञापन लेने के लिए प्रदर्शन स्थल पर बुलाया जाएगा। चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष जतिंदर मल्होत्रा प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और किसान प्रतिनिधियों से बातचीत की। वार्ता के बाद माहौल शांत हुआ व किसान शांतिपूर्वक वापस लौट गए।
जतिंदर मल्होत्रा ने कहा कि भाजपा किसानों की चिंताओं को समझती है और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर वह पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से बातचीत करेंगे।
कांग्रेस एवं भाजपा ने भी किया अलग-अलग प्रदर्शन
चंडीगढ़, राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्षी दलों के प्रदर्शन और युवाओं के आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में बुधवार को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अलग-अलग प्रदर्शन किए। इस दौरान पुलिस ने दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में ले लिया। सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले से ही मजबूत बैरीकेडिंग कर रखी थी। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में हाथों में पार्टी के झंडे लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर धरना देने पर कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में केवल सिंह ढिल्लों के अलावा परमिंदर सिंह बराड़, प्रीतपाल सिंह बलियावाल, संजीव वशिष्ठ और विनीत जोशी सहित प्रदेश भाजपा के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने भी युवाओं के साथ परीक्षाओं के पर्चे लीक होने के मामले और मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान अपने शीर्ष नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किया।