Summer express/कांगड़ा/संजीव महाजन-:देश की रक्षा और सेवा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले डीएससी (Defence Security Corps) के हवलदार नरेश कुमार गौतम अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके निधन से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे ज्वाली विधानसभा क्षेत्र और ग्राम पंचायत भरमाड़ में शोक की लहर दौड़ गई। एक कर्मठ, अनुशासित और राष्ट्रभक्त सैनिक के रूप में उन्होंने अपनी पहचान बनाई और अंतिम सांस तक देश सेवा का दायित्व निभाते रहे।जानकारी के अनुसार, 55 वर्षीय हवलदार नरेश कुमार गौतम को 22 जुलाई को ग्वालियर में अचानक ब्रेन हैमरेज हुआ। घटना की सूचना मिलते ही उनके परिजन तुरंत ग्वालियर पहुंचे। सेना के अधिकारियों ने उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल (एमएच) में भर्ती कराया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में लगातार उपचार चलता रहा। करीब पांच दिनों तक वेंटिलेटर पर जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करने के बाद सोमवार सुबह लगभग सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
हवलदार नरेश कुमार गौतम का जीवन राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण रहा। उन्होंने वर्ष 2000 में टेरिटोरियल आर्मी (टीए) में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया। वर्ष 2008 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनका उत्साह कम नहीं हुआ और 16 अगस्त 2009 को उन्होंने डीएससी में शामिल होकर दोबारा सेना की जिम्मेदारियां संभालीं। अपने सरल व्यवहार, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के कारण वे अधिकारियों, साथियों और स्थानीय लोगों के बीच अत्यंत सम्मानित थे।उनके परिवार में पत्नी रेणु देवी, 18 वर्षीय पुत्र शौर्य गौतम तथा 21 वर्षीय पुत्री रिया गौतम हैं। शौर्य ने हाल ही में जमा दो (+2) की परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि रिया बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही हैं। परिवार पहले से ही दुख के दौर से गुजर रहा था, क्योंकि लगभग छह माह पूर्व उनकी माता का भी निधन हो चुका था। ऐसे में हवलदार नरेश कुमार गौतम का असामयिक निधन परिवार के लिए गहरा आघात बनकर सामने आया।जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव भरमाड़ पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, पूर्व सैनिक, पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य और शुभचिंतक पहुंचे। काली मिट्टी मोक्षधाम में उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सैनिक टुकड़ी ने सलामी देकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, जबकि उनके पुत्र शौर्य गौतम ने नम आंखों के साथ अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस भावुक दृश्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित लोगों ने हवलदार नरेश कुमार गौतम के राष्ट्रप्रेम, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए उन्हें सच्चा देशभक्त बताया। सभी ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनका योगदान और बलिदान हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद किया जाएगा।