सागर पाहवा । मोहाली
समर न्यूज
सेक्टर-68 स्थित गांव कुंभड़ा से जुड़े कथित लड़कियों की तस्करी के मामले में नया मोड़ सामने आया है। एससी/बीसी महापंचायत पंजाब के प्रधान ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाय पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग से कराने की मांग की है।
महापंचायत के प्रधान का आरोप है कि गांव कुंभड़ा निवासी मनदीप कौर नामक महिला ने अंजली और वर्षा नाम की दो युवतियों को फिल्मों और वीडियो शूट में काम दिलाने तथा अच्छी तनख्वाह का लालच देकर अपने साथ ले गई।
आरोप है कि पहले उन्हें फिरोजपुर ले जाया गया और बाद में उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में बेच दिया गया। पीड़ित पक्ष का दावा है कि उत्तर प्रदेश में बेची गई युवती को उसके परिजनों ने डेढ़ लाख रुपये देकर छुड़वाया था।
मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़ित नाबालिग लड़की की मां का कहना है कि उनकी बेटी को राजस्थान से बरामद किए जाने के बाद भी पुलिस ने उसे पूरी रात थाने में बैठाकर रखा। उनका आरोप है कि पुलिस नाबालिग से अदालत में मनमाफिक बयान दिलवाने का प्रयास कर सकती है, ताकि पूरे मामले में समझौता कराया जा सके। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
महापंचायत के प्रधान ने कहा कि इस पूरे मामले में शामिल कथित गिरोह के साथ-साथ यदि किसी पुलिस अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पंजाब महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि नाबालिग को तत्काल न्याय नहीं मिला और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करेंगे।
थाना फेज-8 के एसएचओ गुरमेल सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जानकारी डीएसपी हरसिमरन सिंह बल्ल प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साझा करेंगे। वहीं डीएसपी हरसिमरन सिंह बल्ल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।