एजेंसी | नई दिल्ली
नीट-पीजी परीक्षा को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और अभ्यर्थियों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में परीक्षा व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं।
वर्ष 2026 की परीक्षा में सभी अभ्यर्थियों के लिए एक ही शिफ्ट में परीक्षा कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाकर अभ्यर्थियों को यथासंभव उनके घर के नजदीक केंद्र उपलब्ध कराने की योजना है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार प्रमाणीकरण और बायोमेट्रिक जांच जैसे उपायों पर भी जोर दिया जा रहा है।
एक ही शिफ्ट में परीक्षा कराने का प्रमुख उद्देश्य अलग-अलग पालियों में प्रश्नपत्रों की कठिनाई के स्तर को लेकर पैदा होने वाली आशंकाओं को खत्म करना है। अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा होने पर प्रश्नपत्रों के स्तर में अंतर की स्थिति में अंकों के सामान्यीकरण को लेकर अभ्यर्थियों के बीच सवाल उठते रहे हैं।
एक ही समय में परीक्षा कराने से सभी उम्मीदवारों को समान परिस्थितियों में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया भी अधिक स्पष्ट रहेगी। परीक्षा केंद्रों के चयन में अभ्यर्थियों की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। कोशिश है कि उम्मीदवारों को अपने शहर या आसपास के क्षेत्र में ही परीक्षा केंद्र मिल जाए। इससे दूर-दराज के शहरों की यात्रा, परीक्षा से पहले ठहरने की व्यवस्था और अतिरिक्त खर्च का बोझ कम होगा।
महिला अभ्यर्थियों और छोटे शहरों से आने वाले उम्मीदवारों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए पहचान सत्यापन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। आधार प्रमाणीकरण और बायोमेट्रिक जांच के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि परीक्षा में केवल वास्तविक अभ्यर्थी ही शामिल हों। इससे किसी दूसरे व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा देने जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के दफ्तरों की चौबीस घंटे सुरक्षा
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र और परीक्षा सामग्री की सुरक्षा को लेकर पिछले वर्षों में उठे सवालों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने अपने मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण परिसरों में चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 7.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। प्रस्तावित व्यवस्था में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और महत्वपूर्ण परिसरों की सुरक्षा पर जोर रहेगा।
पेपर लीक की घटनाओं से लिया सबक
पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद परीक्षा एजेंसियों ने प्रश्नपत्रों की छपाई, भंडारण, परिवहन और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की प्रक्रिया में सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दिया है। चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था भी इसी व्यापक सुरक्षा कवायद का हिस्सा है। नीट-पीजी में एक शिफ्ट की परीक्षा, नजदीकी केंद्र, मजबूत पहचान सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक भरोसेमंद बनाना है। हालांकि, इन बदलावों की वास्तविक सफलता इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। अभ्यर्थियों की अपेक्षा है कि परीक्षा केंद्रों का आवंटन पारदर्शी तरीके से हो, तकनीकी व्यवस्था मजबूत रहे और किसी भी स्तर पर प्रश्नपत्र की गोपनीयता से समझौता न हो। परीक्षा एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि नई व्यवस्था को बिना किसी तकनीकी या प्रशासनिक खामी के लागू किया जाए।