एजेंसी | नई दिल्ली
बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर बिहार की बांकीपुर सीट पर हुआ, जहां जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा के करीब 30 साल पुराने गढ़ में सेंध लगा दी।
प्रशांत किशोर ने भाजपा प्रत्याशी को 19,246 वोटों के अंतर से हराकर अपने पहले चुनाव में जीत दर्ज की। इस परिणाम को बिहार की राजनीति में नए विकल्प के उभरने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। बांकीपुर सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत किला मानी जाती रही है। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रभाव वाले क्षेत्र के रूप में भी जानी जाती थी। नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट पर भाजपा के लिए अपना वर्चस्व बनाए रखना बड़ी चुनौती थी, लेकिन जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया।
जन सुराज की बिहार में पहली बड़ी जीत
प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान बिहार में नई राजनीतिक व्यवस्था, युवाओं की भागीदारी और विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। जीत के बाद जन सुराज नेताओं ने इसे पारंपरिक राजनीति के खिलाफ जनता के फैसले के रूप में बताया। इस जीत के साथ प्रशांत किशोर की पार्टी को बिहार की राजनीति में पहली बड़ी चुनावी सफलता मिली है।
मध्य प्रदेश में भी हारी भाजपा
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज कर भाजपा को झटका दिया। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 6,016 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। भाजपा ने इस सीट पर पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। हालांकि आशुतोष तिवारी नरोत्तम मिश्रा के अपने मतदान केंद्र पर भी बढ़त हासिल नहीं कर सके।
गुजरात में भाजपा की जीत
गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा। भाजपा उम्मीदवार सतेन्द्रभाई (सतीश) पटेल ने कांग्रेस प्रत्याशी भिखाभाई रबारी को 30,630 वोटों के बड़े अंतर से हराया। इस जीत के साथ भाजपा ने गुजरात में अपनी मजबूत पकड़ को कायम रखा।
तीनों विधानसभा सीटों पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था। मतगणना के बाद आए परिणामों में जहां बिहार में जन सुराज का उभार दिखाई दिया, वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने वापसी की और गुजरात में भाजपा ने अपना प्रभाव बनाए रखा।