Summer express, सुंदर कुंडू, पलवल। जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से बुधवार को पलवल स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान कॉलेज पर हमले जैसी काल्पनिक आपात स्थिति तैयार कर विभिन्न विभागों की तत्परता, समन्वय और राहत-बचाव कार्यों का सफल परीक्षण किया गया।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में आयोजित इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपदा या सुरक्षा संकट की स्थिति में प्रशासनिक तैयारियों का आकलन करना और संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था। अभ्यास के दौरान सुरक्षा एजेंसियों, फायर विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित इकाइयों ने निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि इस प्रकार के अभ्यास नागरिकों को यह संदेश देते हैं कि आपदा प्रबंधन केवल संसाधनों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि समय पर निर्णय लेने की क्षमता, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल और आम नागरिकों की जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। सफल मॉक ड्रिल ने जिले की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ नागरिक सुरक्षा के प्रति भरोसा बढ़ाने का काम किया है।
फायर सेफ्टी अधिकारी नवीन पाल ने कहा कि वर्तमान सुरक्षा परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की आपदा या आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभागों के बीच समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशासनिक तैयारियों का मूल्यांकन किया जाता है, जिससे भविष्य में किसी वास्तविक संकट की स्थिति में अधिक प्रभावी और तेज प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि समयबद्ध प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय किसी भी आपदा प्रबंधन प्रणाली की सफलता की आधारशिला हैं। ऐसे अभ्यासों से विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और राहत-बचाव दलों की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है। साथ ही आम नागरिकों को भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सतर्क रहने, सुरक्षित निकासी के उपाय अपनाने, प्राथमिक उपचार देने और सुरक्षा मानकों का पालन करने के प्रति जागरूक किया जाता है।
प्रशासन का मानना है कि नियमित रूप से आयोजित होने वाले इस प्रकार के प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल कार्यक्रम आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके माध्यम से किसी भी संभावित संकट के समय जनहानि और नुकसान को न्यूनतम करने की दिशा में बेहतर तैयारी सुनिश्चित की जा सकती है।